प्रशासन से वार्ता शुरू, बेनीवाल बोले अब पानी कहां से आ गया

श्रीगंगानगर। किसानों की 11 सदस्यीय समिति के साथ जिला प्रशासन की वार्ता आज 12.30 बजे शुरू हो गई। समिति ने का. बेनीवाल के अलावा सुभाष सहगल, रणवीर सिंह, गुरबलपाल सिंह, निशान सिंह, अवतार सिंह, मेजर सिंह, चरणजोत सिंह, संतवीर सिंह, सत्यप्रकाश, गलैक्सी बराड़, हरजीत सिंह आदि ने सम्भागीय आयुक्त सुआलाल, डीआईजी, जिला कलक्टर पीसी किशन, एडीएम करतार सिंह पूनिया, जिला पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर राजकुमार के साथ वार्ता शुरू की।
इस मौके पर का. हेतराम बेनीवाल चीफ इंजीनियर को दो टूक कहा कि गंगनहर में आज की तारीख में शिवपुर हैड में 2400 क्यूसेक पहुंच रहा है। यह पानी कहां से आ गया? आपका मुख्यालय 45 आरडी पर होना चाहिए यहां क्यों बैठे हों। उन्होंने कहा सरकार का मंत्री यह कहता है कि पंजाब पानी नहीं दे रहा और आज आपने एकाएक पानी बढ़ावा लिया।
इस तरह की राजनीति नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि जून माह में 2 हजार क्यूसेक शेयर था, जबकि गंगनहर में 400 से 600 क्यूसेक पानी चलता रहा। सिंचाई विभाग और प्रशासन का एक भी अधिकारी इस मुद्दे पर बोला तक नहीं। उस समय किसानों की बुवाई का समय था। तब यदि आप लोग आज जितना पानी लेकर आते तो किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होती। बुवाई का क्षेत्रफल बढ़ता। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने में सरकार और प्रशासन का हाथ है।
बेनीवाल ने सम्भागीय आयुक्त से कहा कि जुलाई में 24 सौ क्यूसेक पानी निर्धारित किया गया, जबकि 1400 से 1700 से अधिक पानी नहीं चला। उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर ईमानदारी और जरूरत न होने पर बेईमानी का तरीका नहीं अपनाने देंगे। पूरे इलाके के लोग पानी के लिए हाहाकार कर रहे हैं। गंगकैनाल के पूर्व प्रोजेक्ट चेयरमैन गुरबलपाल सिंह संधू ने कहा कि बीबीएमबी की बैठक में पंजाब के अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि नहरी पानी की कोई कमी नहीं है। मैं स्वयं बीबीएमबी के सचिव से मिला उन्होंने कहा कि पानी जितना मर्जी ले लो। किसान नेताओं ने कहा कि बड़े पैमाने पर चोरी हो रही है। उसे रोका नहीं जा रहा।
पिछले दिनों साधूवाली के पास पंजाब की तरफ पानी चोरी पकड़ी थी। तब सदर थाना पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज तक नहीं किया।  जब किसान पानी चोरी पकड़ते हैं तो पुलिस वाले पहले फोन कर देते हैं किसान आ रहे हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग पर पानी चोरी का आरोप लगवाया। नेताओं ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी गंगानगर में रहने के काबिल नहीं है। इन्हें चलता किया जाए।
चीफ इंजीनियर को लिया आड़े हाथों
वार्ता के दौरान जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजकुमार को किसान नेताओं ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर फीडर की मरम्मत और उसके रखरखाव के लिए पंजाब का सिंचाई विभाग राजस्थान से 39 करोड़ रुपये मांग रहा था। उस समय यह रुपये क्यों नहीं दिये गये। बंधी के दौरान यदि कार्य हो जाता, तो आज किसानों को पानी के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसानों को 39 करोड़ रुपये देने का सहमति पत्र और गंगनहर में 2400 क्यूसेक पानी चलाने की मांग लिखित में देनी होगी, तभी किसान आंदोलन समाप्त करेंगे। चीफ इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि फिरोजपुर फीडर के रखरखाव के लिए हर साल सिंचाई विभाग पंजाब को 80 लाख रुपये देता है। इसके अलावा हरीके बैराज के रखरखाव के लिए पैसे अलग से किये जाते हैं। किसान नेताओं ने अधिकारियों की बात अनसुना करते हुए कहा कि हमें लिखित में दीजिये, उसके बाद बात करेेंगे।