प्रेग्नेंसी में करें इन मेकअप प्रोडक्ट्स से परहेज

संयम, सतर्कता और परहेज…गर्भावस्था के उपनाम जैसे हैं। गर्भावस्था के नौ माह के दौरान खानपान से लेकर व्यायाम और उठने-बैठने के तौर-तरीकों में भी खास सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। पर, एक और चीज है जिससे गर्भावस्था के दौरान आपको दूर रहना चाहिए और वह है, मेकअप और ब्यूटी प्रोडक्ट्स। इसका कारण यह है कि आमतौर पर इसे बनाने में कई बार ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जो आपकी त्वचा से अंदर जाकर आपके अजन्मे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी वजह से गर्भावस्था के दौरान अधिक खुशबू वाले मॉइस्चराइजर, डिओडरेंट आदि का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है। इनके अलावा बहुत सारे ऐसे सौंदर्य प्रसाधन हैं, जिनका इस्तेमाल गर्भावस्था के समय नहीं करना चाहिए:
दूर रहें एंटी एजिंग क्रीम से
चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने का दावा करने वाले एंटी एजिंग और दाग-धब्बे हटाने वाली क्रीम का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी के दौरान बिल्कुल भी ना करें। इस तरह की क्रीम में रेटिनोड्स नामक सामग्री मिलायी जाती है, जिसे त्वचा में विटामिन ए की कमी को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह भू्रण के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान जिस क्रीम में रेटिन-ए, रेनोवा, डिफरिन, टेजोरेक जैसे तत्व हों उनका इस्तेमाल बिलकुल भी ना करें। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि रेटिनोड्स की वजह से बच्चे के जन्म में कोई दिक्कत होती है, लेकिन यह सच है कि गर्भावस्था के दौरान कॉस्मेटिक्स के माध्यम से शरीर में होने वाली विटामिन ए की अधिकता हानिकारक होती है।
एक्ने क्रीम के इस्तेमाल से करें परहेज
आप मां बनने वाली हैं और उस दौरान आपके चेहरे पर पिंपल्स हो गये हों, तो उन्हें हटाने के लिए एक्ने क्रीम का इस्तेमाल ना करें अन्यथा इसकी वजह से आपके अजन्मे बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कुछ कंपनियां एक्ने क्रीम बनाते समय उसमें सैलिसिलिक एसिड का प्रयोग करती हैं, जिसे गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। बहुत सारे सर्वेक्षणों में यह बात सामने आई है कि गर्भावस्था के समय चेहरे पर बहुत ज्यादा मात्रा में सैलिसिलिक एसिड और रेटिनोड्स युक्त क्रीम का इस्तेमाल करने से जन्म के बाद बच्चे में बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलती हैं।
तेज खुशबू के इस्तेमाल से बचें
गर्भावस्था के समय तेज खुशबू वाले डिओडरेंट, परफ्यूम और बॉडी लोशन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन्हें बनाने में कुछ ऐसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है,जो गर्भ में पल रहे बच्चे को भविष्य में गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती हैं। एक शोध में यह भी पाया गया है कि गर्भावस्था के आठवें से लेकर बारहवें सप्ताह के बीच ज्यादा खुशबू वाले कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करने से गर्भ में पल रहे लड़के को बड़े होने पर नपुंसकता का शिकार होना पड़ सकता है।
हेयर रिमूविंग क्रीम भी नहीं सुरक्षित
हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि गर्भावस्था के दौरान हेयर रिमूविंग क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, लेकिन इसे बनाने में कुछ मात्रा में थियोजिकॉलिक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि गर्भावस्था में हानिकारक साबित हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई किस्म के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिसकी वजह से कैमिकल युक्त हेयर रिमूविंग क्रीम का इस्तेमाल करने से त्वचा पर एलर्जी भी हो सकती है और क्रीम भ्रूण तक जाकर उसे नुकसान भी पहुंचा सकती है।
नेल केयर उत्पाद भी डालते हैं असर
गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह के नेल केयर उत्पाद का इस्तेमाल ना करें। इसके अंदर मौजूद जहरीले पदार्थ आपके भू्रण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नेल पॉलिश को नाखून पर टिकाए रखने के लिए कुछ बेहद खुशबू वाले केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। यह खुशबू गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। इसी तरह इस दौरान नेल पॉलिश को हटाने वाले थिनर का भी इस्तेमाल न करें। हाल ही में हुए सर्वेक्षणों में पाया गया है कि नेल केयर उत्पादों के निर्माण से जुड़ी कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई महिलाओं के भ्रूण का विकास धीमा रहा तो कुछ मामलों में जन्म के बाद भी बच्चे के विकास की गति धीमी पाई गई।
गोरा होने वाली क्रीम को कहें ना
चेहरे और त्वचा को गोरा बनाने वाली क्रीम में हाइड्रोक्यूनोन नामक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। यह शरीर के एंजाइम को नियंत्रित करके त्वचा को ब्लीच करती है। यह क्रीम 35 से 45 प्रतिशत तक शरीर के अंदर समा जाती है, जो कि बच्चे के पूर्ण विकास को बाधित करती है। गर्भावस्था के दौरान और बच्चे को दूध पिलाते समय इस क्रीम का इस्तेमाल करने से पूरी तरह से बचें।