प्रोपर्टी कारोबार के ताबूत में आखिरी कील बनेगा जीएसटी

– जीएसटी लगाने की तैयारियों से रियल स्टेट कारोबारी सदमें में
श्रीगंगानगर। कई सालों की मंदी के कारण प्रोपर्टी बाजार का बुरा हाल है। प्रोपर्टी के खरीददार तो दूर, भाव पूछने वाले भी नहीं आ रहे। मंदी से गुजर रहे रियल स्टेट के कारोबारियों को प्रोपर्टी पर जीएसटी लगने की तैयारियों से सदमा लगा है। चिंतित रियल स्टेट कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी लगने से प्रोपर्टी बाजार बुरी स्थिति में पहुंच जाएगा। मंदे के कारण प्रोपर्टी बाजार का हाल बुरा है। यह धंधा लगभग चौपट हो चुका है। अनेक लोगों ने खुद को प्रोपर्टी व्यवसाय से अलग कर लिया है तो कई अभी भी इस धंधे से किनारा करने का मन बना रहे हैं। प्रोपर्टी की खरीद-फरोख्त का कारोबार करने वालों का कहना है कि प्रोपर्टी का धंधा करना खुद को मारने जैसा हो गया है। पहले नोटबंदी ने इस धंधे की हत्या की। अब जीएसटी प्रोपर्टी के कारोबार में ताबूत की आखिरी कील साबित होगा।
शहर में आनंद विहार कॉलोनी बनाने वाले बिल्डर विजय मित्तल बताते हैं कि प्रोपर्टी बाजार के सर्वाधिक बुरे दिन आने वाले हैं। उदाहरण के रूप में, पचास लाख कीमत की प्रोपर्टी पहले ही पचास फीसदी गिरकर 25 लाख रुपए की रह गई है। इस भाव में भी कोई खरीददार नहीं है। अठारह फीसदी जीएसटी लागू होने के बाद रही-कसर भी पूरी हो जाएगी। मित्तल का कहना है कि जीएसटी की राशि ग्राहक तो भुगतेगा नहीं। यह रकम भी विक्रेता को ही अपने पल्ले से चुकानी पड़ेगी। यानी प्रोपर्टी में घाटा और ज्यादा बढ़ जाएगा। धंधे पर डबल मार पड़ेगी।
अम्बिका सिटी के डवलपर कपिल बंसल भी जीएसटी के कारण चिंतित हैं। बंसल ने कहा कि समझ नहीं आ रहा है कि प्रोपर्टी बाजार किस हाल में जाएगा। मंदी के कारण प्रोपर्टी बाजार पहले ही खत्म हो चुका है, जीएसटी लागू होने से और बुरी स्थिति हो जाएगी। रियल स्टेट कारोबारियों का कहना है कि प्रोपर्टी के धंधे से बहुत सारे लोग किनारा कर चुके हैं। नए लोग इस धंधे में आएंगे, इसकी तो कल्पना ही नहीं की जा सकती। प्रोपर्टी बाजार अंतिम दौर मेें पहुंच गया लगता है।
और मंदे की आशंका
दीपावली पर हर कारोबार में कोई न कोई न नये सौदे होते हैं। इस बार लगता है कि केन्द्र सरकार प्रोपटी कारोबार का नामोनिशान ही मिटाना चाहती है। ऐसी स्थिति में भाव और मंदे रहने की आशंका पैदा हो गई है।
इनका कहना है
रिद्धि सिद्धि जैसी प्रमुख कॉलोनी बनाने वाले बिल्डर मुकेश शाह प्रोपर्टी पर जीएसटी लगने को प्रोपर्टी कारोबार के लिए शुभ नहीं मानते। शाह ने कहा कि प्रोपर्टी बाजार की हालत पहले से खस्ता है, अगर इस पर दस-बार प्रतिशत या ज्यादा जीएसटी लग जाता है तो हालत और दयनीय हो जाएगी। लोगों की क्रय शक्ति पहले ही घट चुकी है, ऊपर से जीएसटी लगेगा तो हालत तो खराब होगी ही।