फुटबॉलर माजिद बना आतंकी

श्रीनगर। डल झील से 67 किलोमीटूर दूर दक्षिण कश्मीर में सादिकाबाद (अनंतनाग) क्षेत्र में एक सप्ताह से अजीब सी बेचैनी छाई हुई है। कोई ज्यादा बात नहीं करता। सिर्फ दुआ करता है कि माजिद इरशाद वापस आ जाए। मां आयशा बेगम इतना ही कहती कि बेटा एक बार घर आ जाओ, मुझे और अपने बाप का कत्ल कर दो और फिर जहां जाना है, चले जाओ। बहनें एक सप्ताह से भाई के इंतजार में मायके में हैं, रोज सुबह सूरज उगने के साथ इरशाद के लौटने की उम्मीद में घर के दरवाजे खोलती हैं। शाम को सूरज ढलने के साथ मायूस हो किवाड़ बंद करती हैं। माजिद इरशाद जो कल तक जिले में उभरता हुआ फुटबॉल खिलाड़ी माना जाता था। जो समाज सेवा में सबसे आगे रहता था। माजिद अब अनंतनाग और साथ सटे इलाकों में लश्कर का स्थानीय पोस्टर ब्वाय बन चुका है।