फ्लैट से मिले वोटर आईडी को लेकर भिड़ी कांग्रेस-बीजेपी, चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश

कर्नाटक। चुनाव से कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने कर्नाटक के बंगलूरू के राज राजेश्वरी नगर के जलाहल्ली में एक फ्लैट से 9,746 वोटर आईडी कार्ड बरामद किए जाने की पुष्टि की है। ये कार्ड कागज में लपेटकर रखे गए थे। मंगलवार देर रात 11.30 बजे की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में आयोग ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। भाजपा का आरोप है कि यह फ्लैट कांग्रेस के एक विधायक का है। पार्टी ने राज राजेश्वरी सीट का चुनाव रद्द करने की मांग की है। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने नकली पहचान पत्र से भरे एक बक्से का फोटो ट्वीट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र पर हमला हुआ है। राज राजेश्वरी नगर बंगलूरू की सबसे बड़ी विधानसभाओं में से एक है। यहां 4.35 लाख वोटर हैं। 2013 के विधानसभा चुनावों में इस सीट से कांग्रेस के मुनिरत्ना ने 37 फीसदी वोट लेकर जीत दर्ज की थी। वह एक बार फिर इस सीट से मैदान में हैं। उनके खिलाफ भाजपा के मुनिराजू गौड़ा लड़ रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि उसके स्थानीय नेता खुद से ऐसे इलाकों का पता लगा रहे हैं। इस बीच, सदानंद गौड़ा ने कहा कि 20,000 आईडी कार्ड, पांच लैपटॉप, एक प्रिंटर और नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग के हजारों फार्म बरामद किए गए हैं। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी कहती है कि हमारी पार्टी के एम ननजामुरी के बेटे राकेश का बीजेपी से कोई संबंध नहीं है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि जिस फ्लैैट नंबर 115 में कार्डस बरामद हुए, राकेश उसका किरायेदार है। उनके पास बीजेपी कॉरपोरेशन कैंडीडेट 2015 की लिस्ट है और इसमें 16 वें नंबर पर जलाहली चुनाव क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी राकेश का नाम है। इस मामले में मनजुला ननजामुरी के बेटे श्रीधर ननजामुरी ने कहा कि मैं मनजुला का इकलौता बेटा हूं। राकेश मेरी मां के भतीजे का बेटा है। उसका फ्लैट से कोई लेना-देना नहीं है। इस फ्लैट को रंगराजू को किराये पर दिया था।