बचपन में बहुत बीमार रहते हैं ऐसे लोग

यदि किसी जातक का केतु पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो जातक की शिक्षा किसी पारिवारिक समस्या के चलते पूरी नहीं हो पाती या फिर इस तरह के जातक बचपन में बहुत अधिक बीमार रहते हैं। यदि मंगल पर्वत पर क्रॉस का चिह्न हो तो जातक लड़ाई-झगड़ों में विश्वास करने वाला होता है। इसी के चलते ऐसे जातक को जेल भी जाना पड़ता है।
इस तरह के जातक आत्महत्या तक कर लेते हैं। राहु पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होना जातक को यौवन काल में दु:ख देता है और इस तरह के जातक चेचक रोग के शिकार होते हैं। यदि किसी जातक के गुरु पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो वह हर तरह का सुख पाता है। ऐसे जातक को उनका लाइफ पार्टनर शिक्षित और धनी कुल का होता है। उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहता है। क्रॉस का निशान केवल गुरु पर्वत पर ही शुभ होता है अन्य स्थान पर होने से हमेशा इसका अशुभ फल मिलता है।
यदि शनि पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो जातक को लड़ाई में चोट लगती है और उसकी अकाल मृत्यु हो जाती है। यदि क्रॉस का निशान सूर्य पर्वत पर हो तो जातक बदनामी का पात्र बन जाता है। इस तरीके के जातक को हमेशा कारोबार में घाटा उठाना पड़ता है। यदि बुध पर्वत पर क्रॉस का निशान हो तो इस तरह के जातकों से हमेशा दूर रहना चाहिए। ये जातक धोखेबाज़, ठग और झूठे होते हैं।