बच्चा करे असामान्य व्यवहार तो यह उपाय आएंगे काम

बच्चे अगर पढ़ाई में कमजोर हैं या उनकी गतिविधियां सुस्त और असामान्य हैं तो इसे अनदेखा न करें। बच्चों को कभी भी एकाकीपन का शिकार न होने दें। वास्तु में इसके लिए कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं, जिनकी मदद से बच्चे संस्कारी, तंदुरुस्त और कुशाग्र बुद्धि पा सकते हैं। आइए जानते हैं इन आसान से उपायों के बारे में।
स्कूल जाते समय या पढ़ाई करते समय बच्चों को गायत्री मंत्र का जाप कराएं। इसके प्रभाव से बच्चों में बुद्धि का विकास होता है। घर को स्वच्छ, प्रकाशित और व्यवस्थित रखें। बिस्तर के नीचे से जंग लगी चीजों को दूर कर दें। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहने दें। बच्?चा सुस्?त या बीमार रहता है तो उसका कमरा दक्षिण-पूर्व में बनाएं। बच्चों के लिए पैन, पेंसिल, नोटबुक आदि उपहार में न लें। ये वस्?तुएं अगर कोई उपहार में दे रहा है तो बदले में एक रुपये का सिक्?का अवश्?य दें।
बच्चों को दरवाजे की तरफ पीठ कर कभी भी अध्ययन नहीं करना चाहिए। बच्चों को किसी बीम के नीचे बैठकर पढऩा या सोना नहीं चाहिए। बच्चों के कमरे में मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर लगाना शुभ है। बच्चों के स्टडी रूम में अनावश्यक पुरानी किताबें या पुराने कपड़े न रखें। सोते समय बच्चों का सिर शौचालय की तरफ नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से हट जाता है।