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बच्चे के जन्म के दो दिन पहले भी नहीं पता चला गर्भवती थी कैदी

भोपाल। शहडोल जिला जेल में एक महिला बंदी बैरक में बच्चे को जन्म देती है। नवजात की हालात सामान्य नहीं होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, जहां उसकी मौत हो जाती है।
बच्चे की मौत पर न्यायिक जांच भी शुरू हो गई पर हैरानी की बात यह है कि महिला के गर्भवती होने की खबर जेल प्रशासन और डॉक्टरों को नहीं लगी। बच्चे के जन्म से दो दिन पहले तक डॉक्टरों ने महिला का गर्भ परीक्षण किया। विधानसभा में बुधवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय मंत्री कुसुम सिंह महदेले ने कांग्रेस विधायक रामपाल सिंह के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। जेल मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि बच्चे के जन्म के बाद जेल प्रशासन ने रिपोर्ट में बताया कि महिला बंदी 21 फरवरी 2017 को जेल में दाखिल हुई थी। 4 मार्च 2017 को मासिक परीक्षण के लिए उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया। जेल अभिलेख में महिला ने 8 फरवरी 2017 को मासिक धर्म (पीरियड) आना बताया। इसके बाद मार्च से सितंबर तक हर माह महिला बंदी ने सेनेटरी पैड लिए। महिला बंदी को इस बीच गर्भ परीक्षण के लिए डॉक्टरों के पास भी ले जाया गया। चिकित्सकों की रिपोर्ट में भी गर्भ का जिक्र नहीं हुआ। प्रशासन के मुताबिक महिला बंदी ने बताया कि जेल आने से पहले उसकी सगाई हो चुकी थी। मार्च में उसकी शादी थी। इससे पूर्व वह अपने मंगेतर से मिली। इसी बीच उसके शारीरिक संबंध स्थापित हुए। महिला बंदी ने गर्भवती होने की खबर किसी को नहीं दी।