बजट 2017 में मिल सकता है बड़ा तोहफा

-2 लाख तक की क्कस्न निकासी पर नहीं लगेगा कोई टैक्स
नई दिल्ली। प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) को लेकर आगामी बजट 2017 में मोदी सरकार लोगों को राहत दे सकती है। सरकार पीएफ के पैसे निकालने पर कटने वाले टैक्स की लिमिट बढ़ा सकता है। श्रम मंत्रालय ने भविष्य निधि निकासी पर कर कटौती (ञ्जष्ठस्) के लिए प्रारंभिक सीमा में चार गुना वृद्धि की मांग की है। वर्तमान में 50 हजार रुपए तक निकलने पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। मंत्रालय की ओर से आगामी बजट में इस लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपए किए जाने की मांग की गई है। अगर मंत्रालय का यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो आप 2 लाख रुपए तक बिना किसी कटौती के निकाल सकेंगे। यहां तक की सर्विस के 5 साल पूरे नहीं होने की स्थिति में भी। वर्तमाव में 5 साल से पहले 50,000 रुपए से ज्यादा की रकम पीएफ से निकालने पर 34.608त्न इनकम टैक्स देना होता है। 50 हजार से कम पैसे निकालने पर कोई भी कटौती नहीं होती है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ ट्रस्टी की मीटिंग में पैसे निकालने की सीमा बढ़ाने पर बात हुई। मीटिंग में यह लिमिट भी कम और इसे 2 लाख रुपए से ज्यादा भी बढ़ाया जा सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (श्वक्कस्नह्र) ने हाल ही में श्रम मंत्रालय को लेटर लिखा था, जिसे 2017-18 के केंद्रीय बजट में शामिल करने के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया है। केंद्र सरकार ने पिछले साल पीएफ निकासी की सीमा को बढ़ाया था। उस समय सरकार ने पीएफ निकासी की मौजूदा सीमा को 30,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया था। यह प्रावधान 1 जून, 2016 से लागू हुआ था। इससे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंशधारकों को राहत मिली। श्रम मंत्रालय ने 34.608त्न की कर कटौती को भी हटाने का वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया है। जिसे सीमांत दर के नाम से जाना जाता है, पैन कार्ड की डिटेल्स नहीं देने पर यह कर लगाया जाता है। पेन कार्ड की जानकारी देने वाले कार्यकर्ताओं से 10 प्रतिशत टैक्स काटा जाता है, जबकि जिनके पास पैन कार्ड नहीं होता है 34.608त्न टैक्स वसूला जाता है। ईपीएफओ के मुताबिक इससे राजस्व पर 10 करोड़ से भी कम का प्रभाव पड़ेगा।