बहरेपन को जड़ से खत्म करती है तुलसी

तुलसी को अब तक सबसे शुद्ध पौधे में से एक माना जाता है। तुलसी के पौधे को घर में लगाने मात्र से ही बीमारियों का सफाया होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। आज के दौर में जितनी तेजी से बीमारियां बढ़ रही है उसमें लोगों को ऐलोपैथी की तरफ झुकाव होना लाजमी है। लेकिन तुलसी ऐसी औषधी है जो कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिला सकती है। आज हम आपको तुलसी से दूर भागने वाली बीमारियों के बारे में बता रहे हैं।
बहरेपन से छुटकारा
कई लोग बहरेपन की गिरफ्त में इतनी बुरी तरह फंस जाते हैं कि कई बार डॉक्टर भी हाथ खड़ा कर देते हैं। ऐसी समस्या में तुलसी आपके लिए वरदान साबित होती है। कान की समस्याएं जैसे कान बहना, दर्द होना और कम सुनाई देने जैसी समस्याओं को तुलसी दूर करती है। तुलसी के रस में कपूर मिलाकर उसको हल्का गर्म करने से कान में डालने पर आराम मिलता है। आप चाहे तो तुलसी के रस को भी हल्का गुनगना कर डाल सकते हैं।
सांसों की दुर्गंध
सांसों से आने वाली दुर्गंध जहां एक ओर हमारी पर्सनेलिटी खराब करती हैं वहीं ये कई बीमारियों को भी बुलावा देती है। इससे छुटकारा पाने के लिए कई लोग हजारों रुपये खर्च कर देते हैं लेकिन कोई फायदा नहीं होता है। ऐसे में अगर तुलसी का प्रयोग किया जाए बहुत फायदा मिल सकता है। तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है। इसके अलावा तुलसी की पत्तियां चबाने से भी सांसों की दुर्गंध और पायरिया जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
गले की खराश
बदलते मौसम में गले की खराश बहुत आम समस्या हो जाती है। लेकिन कई लोगों को यह समस्या गर्मियों में हो जाती है। अगर आप भी कुछ इसी तरह के रोग से जूझ रहे हैं तो चाय की पत्तियों को उबालकर पीएं। गले की खराश दूर हो जाएगी। बच्चों में गले की खराश जैसी समस्याएं गर्मियों में भी हो जाती हैं। उन्हें तुलसी की पत्त्यिों का काढ़ा बनाकर पिलाएं। काफी आराम मिलेगा।