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बहुत गुस्सा आता है तो करें इन बातों की प्रैक्टिस

गुस्सा हर किसी को आता है, यह हम सभी मनुष्यों में पाई जाने वाली एक स्वाभाविक भावना है, और यह ज़रूरी नहीं, कि हर समय यह नकारात्मक हो। फिर भी बार-बार आने वाले गुस्से से हृदय संबंधी कई बीमारियां, उच्च रक्तचाप, डिप्रेशन और अनिद्रा जैसी बीमारियां होने का खतरा बना रहता है।
ये सब तब और बढ़ जाता है, जब व्यक्ति शॉर्ट टैंपर्ड हो और छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा करता हो। गुस्से पर नियंत्रण कर पाना हर किसी के वश में नहीं होता। मगर, असलियत में यह इतना मुश्किल भी नहीं होता। यदि आप अपने गुस्से को सही दिशा देंगे और थोड़े दिन प्रैक्टिस करेंगे, तो पाएंगे कि आपको गुस्सा आना कम हो गया है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भर रही है और हर तरफ से आपको खुशियां मिलने लगेंगी।
चाणक्य नीति सूत्र में आचार्य चाणक्य कहते हैं की व्यक्ति क्रोध से अपना नाश करता है। मूर्ख लोगों को किसी प्रकार का कोई ज्ञान नहीं होता वे सब कार्य बिना सोचे-विचारे ही करते हैं। ऐसे लोग व्यर्थ में क्रोध करके अपना ही नाश कर लेते हैं। – आत्मानमेव नाशयति अनात्मवतां कोप:।
गुस्सा दबाएं नहीं
कुछ लोग कहते हैं कि गुस्सा आने पर उसे दबा लें। मगर, भावनाओं को अपने भीतर दबाने से वह आपके दिमाग में हर पल घूमती रहेंगी। ऐसे में आप मानसिक स्थिति से परेशान रहेंगे और यह समाधान नहीं होगा। इससे बेहतर है कि एक लंबी सांस लें और खुद से वादा करें कि आपको गुस्सा नहीं आ रहा है। आपका दिमाग शांत है। आप खुद ही यह महसूस करेंगे कि आपका दिमाग गुस्से से हटकर कुछ पल के लिए दूसरी ओर चला गया और आप शांत महसूस करने लगे हैं।
पुरानी हंसी-मजाक की बात याद करें
जब किसी व्यक्ति पर क्रोध आने लगे, तो आंखें बंद कर उस कोई हंसी-मजाक की बात को याद करें। किसी ऐसी बात को याद करें, जब आपको सबसे ज्यादा खुशी मिली थी और आप खूब हंसे थे। तुरंत ही आप पाएंगे कि आपका गुस्सा कम हो गया है।
आंख बंद कर रिलेक्स करें
कोई आरामदायक स्थान ढूंढ़कर बैठ जाएं और आंखें बंद करके कुछ देर शांति से बैठे रहें। ऐसा करने से गुस्से का स्तर नीचे जरूर होगा। अगर यह उपाय भी कारगर नहीं होता है, तो उस स्थान से हट जाएं, जहां आपको गुस्सा आ रहा था।
योग की प्रैक्टिस करें
रोज योग की प्रैक्टिस करें। इससे दिमाग की नसें तरोताजा होती है। व्यायाम सकारात्मक ऊर्जा देता है और यह ऊर्जा आपको अच्छे विचार लाने में मदद करती है। इसके आलावा किसी कागज पर कोई कविता, कोई प्रेरक बात लिखने के लिए मन को लगाएं।
शनिदेव को तेल चढ़ाने के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
अगर कुछ नहीं आता तो पेन या पेंसिल से कागज पर कोई चित्र ही बनाएं। वह भी नहीं आता, तो आड़ी टेढ़ी लकीरें खींचे। इस दौरान ध्यान रखें कि सारा फोकस कोई डिजाइन बनाने पर हो, ताकि दिमाग में वह बात ही नहीं आए, जिससे आपको गुस्सा आ रहा था।
मोटिवेशनल बुक रखें साथ
हर समय अपने साथ कोई प्रेरक प्रसंग लिखी हुई, मोटिवेट करने वाली, कविता या जिस भी विषय में आपकी रुचि हो, उसकी किताब रखें और गुस्सा आने पर तुरंत उसे पढऩे लगें। इससे आपका दिमाग बंट जाएगा। कुछ दिनों तक इनमें से कुछ उपाय करने पर आप पाएंगे कि आपका गुस्सा धीरे-धारे कम हो रहा है।