बाढ़ मेंं मरे लोगों के आश्रितों को दो-दो लाख की मदद

– जालौर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचीं सीएम
जालौर। यहां बाढ़ के हालात का जायजा लेने सीएम वसुंधरा राजे पहुंच हैं। राजे के साथ कलेक्टर एलएन सोनी सहित कई सांसत और मौजूद हैं। इसके साथ केंद्र से यह घोषणा की गई है कि बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को 2 लाख की मदद दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार की मदद करने की घोषणा की गई है।
बाढ़ के हालात को देखते हुए बाड़मेर, पाली, जालौर, सिरोही में आईटीआई की परीक्षा रद्द कर दी गई है। 20 बस्तियों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। दरअसल, लोर्डिया लाखोटिया तालाब के ओवरफ्लो होने से यहां से पानी रामदेव रोड सिंधी कॉलोनी सहित इस क्षेत्र की 20 से अधिक बस्तियों में जमा होने से यहां बाढ़ के हालात बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में तो अभी भी घुटनों तक पानी भरा है। यहां तक कि कई घरों में पानी घुस गया है। इसके चलते कई लोग अपने घर छोड़ रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। बांडी की रपट के उफान पर होने से अभी भी हैदर कॉलोनी रूणेचा कॉलोनी का शहर से संपर्क कटा हुआ है। हालांकि प्रशासन की ओर से यहां जेसीबी की सहायता से राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है। उधर, सिरोही जिला मुख्यालय पर पिछले नौ दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई कॉलोनियों में मकान धराशायी हो गए हैं और कई कॉलोनियों में पानी अब भी भरा हुआ है।
राज्य में डॉक्टरों के अवकाश निरस्त
जयपुर। बाढ़ के हालात को नियंत्रण में करने के लिए राज्य सरकार ने सभी चिकित्सकों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं। जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ वीके माथुर के अनुसार चिकित्सकों के साथ नर्सिंग कर्मियों के अवकाश भी कैंसिल किए गए हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ के निर्देश पर यह कदम उठाया गया। इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकीय सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।