बारहवीं के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी कैशलेस संकल्पना

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. बी.एल. चौधरी ने कहा है कि राजस्थान बोर्ड अगले शिक्षा सत्र से कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तकों में नोटबन्दी और कैशलेस संकल्पना को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रहा है। अर्थशास्त्र विषय की पाठ्यपुस्तकों में कैशलेस व्यवस्था के तहत मोबाइल वॉलेट और केन्द्र और विभिन्न बैंकों के कैशलेस ऐप्स से विद्यार्थी को अवगत कराया जायेगा। प्रो. चौधरी ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परिसर में स्थित विद्यार्थी सेवा केन्द्र पर सोमवार को स्वाइप व्यवस्था की शुरुआत करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप अब विद्यार्थी भी अपने बोर्ड दस्तावेजों की प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए कैशलेस व्यवस्था का लाभ उठाते हुए कार्ड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। बोर्ड से भुगतान व्यवस्था कैशलेस की जा चुकी है। पिछले दो वर्षों से परीक्षा से जुड़े सभी मानदेयों का भुगतान परीक्षकों और स्कूलों को सीधे उनके खाते में कर रहा है। बोर्ड अब अपने सभी भुगतान आर.टी.जी.एस. और चैक के माध्यम से कर रहा है। बोर्ड की सचिव श्रीमती मेघना चौधरी ने बताया कि बोर्ड राज्य सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से परीक्षार्थियों के परीक्षा प्रलेखों के डिजिटलाइजेशन करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित नवीन व्यवस्था के अनुसार बोर्ड परीक्षा से जुड़े प्रलेख परीक्षार्थी अपने डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रख सकेंगे। बोर्ड शनै: शनै: पूर्व के वर्षों के बोर्ड प्रलेखों का भी डिजिटलीकरण करेगा। स्वाइप व्यवस्था की शुरुआत के अवसर पर बोर्ड की विशेषाधिकारी श्रीमती प्रिया भार्गव, बोर्ड की वित्तीय सलाहकार श्रीमती आनन्द आशुतोष, उपनिदेशक लेखा शिवशंकर अग्रवाल और सहायक विधि परामर्शी भी उपस्थित थे।