बारहवीं के बाद करें ये डिप्लोमा कोर्स

बाहरवीं के बाद कोई इंजीनियरिंग की तरफ निकल जाता है तो कोई मेडिकल की तरफ। कोई मार्केटिंग में या फिर कोई लॉ की डिग्री लेने। जवानी के कई साल इन डिग्रियों को हासिल करने में खर्च हो जाते हैं। कोई कोर्स चार साल का होता है तो कोई पांच साल का भी। कई कोर्सों की फीस भी काफी महंगी होती है। डिग्री मिलने के बाद नौकरी मिलने की कोई गारंटी नहीं है। कम्पटीशन बहुत तगड़ा है। ऐसे में यदि बाहरवीं के तुरंत बाद आप कोई ऐसा कोर्स या डिप्लोमा कर लें, जिसके बाद तुंरत नौकरी मिल जाए तो इससे बेहतर और क्या होगा। आप तुरंत अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे और औपको चार-पांच साल का इंतज़ार भी नहीं करना होगा।
हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे डिपलोमा कोर्स के बारे में, जो आप बारहवीं के तुरंत बाद कर सकते हैं।
नर्सिंग डिप्लोमा
बारहवीं करने के बाद आप नर्सिंग का डिप्लोमा कर सकते हैं। कई जगह कोर्स में दाखिला लेने के लिए इंट्रेंस टेस्ट होते हैं, कई जगह आपके बाहरवीं के माक्र्स के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता है। हर कॉलेज में एडमिशन के आधार अलग होते हैं। ये कोर्स करके आप दस से चालीस हज़ार हर महीने कमा सकते हैं। ऐसे कोर्स करने के कुछ प्रसिद्ध नर्सिंग कॉलेज हैं : फैकल्टी ऑफ नर्सिंग, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, बैंगलोर सिटी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, अपोलो कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, एसएनडीटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग
किसी विदेशी भाषा में डिप्लोमा
विदेशी भाषा के टीचर की स्कूलों और प्राइवेट कंपनियों में मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए किसी विदेशी भाषा में डिप्लोमा करके आप अपना अच्छा करियर बना सकते हैं। फ्रेंच, जर्मन, जैपनीज़, स्पेनिश और चाइनीज जैसी भाषाएं काफी प्रचलन में हैं। बहुत सारी यूनिवर्सिटी और इंन्स्टीट्यूट इन भाषाओं में डिप्लोमा कोर्स करवाते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों में भी विदेशी भाषाओं के कोर्स हैं। इसके अलावा मुंबई यूनिवर्सिटी और पुणे यूनिवर्सिटी में भी विदेशी भाषाओं के कोर्स हैं। एक साल या दो साल के कोर्स के करने के बाद आप हर महीने बीस हज़ार से ऊपर कमा सकते हैं। कुछ कॉलेज जहां आप यह कोर्स कर सकते हैं: जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ़ फॉरेन लैंग्वेजेज , सावित्री फुले पुणे यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ़ जर्मन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुंबई
टीचिंग डिप्लोमा
एक अच्छा टीचर बनने के लिए आपको कुछ टेक्निक और तरीके सीखने होते हैं, जिसके लिए टीचिंग के डिप्लोमा कोर्स होते हैं। ये डिप्लोमा करके आप आसानी से टीचिंग की नौकरी में जा सकते हैं। हालांकि बीएड टीचिंग में बेस्ट कोर्स है, लेकिन उसके लिए आपको पहले बीए करना जरूरी है। बाहरवीं के बाद टीचिंग में कई डिप्लोमा होते हैं जैसे : ई।टी।ई (एलीमेंट्री टीचर इन एजुकेशन ), डी। ई। डी (डिप्लोमा इन एजुकेशन ), एन।टी।टी( नर्सरी टीचर ट्रेनिंग )। टीचिंग कोर्स करने के बाद आप कम से कम पंद्रह हज़ार की नौकरी से करियर की शुरुआत कर सकते हैं। एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशन, फैकल्टी ऑफ़ एजुकेशन, जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, डीआईईटी, हवेली, पुणे, इंटरनेशनल वीमेन पॉलिटेक्निक, दिल्ली
डिजाइनिंग डिप्लोमा
अगर आपकी रुचि डिजाइनिंग में है तो आपके लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं। जैसे फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, वेब डिजाइनिंग और ग्राफि़क डिजाइनिंग। ऐसे कोर्सों की अवधि हर कॉलेज के हिसाब से होती है। कहीं एक साल तो कहीं दो साल भी। डिजाइनिंग का डिप्लोमा देने वाले कुछ बेहतरीन इंस्टीट्यूट इस प्रकार हैं: जेडी इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी दिल्ली, इंटरनेशनल स्कूल ऑफ़ फैशन डिजाइनिंग विकासपुरी, एमिटी स्कूल ऑफफ़ैशन टेक्नोलॉजी, नॉएडा, श्रीमती टेक्नो इंस्टीट्यूट , वेस्ट बंगाल
रेडियो जॉकी डिप्लोमा :
रेडियो जॉकी वह होता है, जो रेडियो पर शो होस्ट करता है। इसमें आपको लोगों से बात करनी होती है, उन्हें बातों में लगाए रखना होता है और गाने चलाने होते हैं। अगर आपको लगता है कि आप बातों के शौकन हैं और इस प्रोफेशन में जाने के इच्छुक हैं तो आप रेडियो जॉकी का भी डिप्लोमा कर सकते हैं। इस कोर्स की अवधि एक साल की होती है, जिसमें आपको लिखने और अपने लिखे हुए को पेश करने के तरीके सिखाए जाते हैं। सेंटर फॉर रिसर्च इन आर्ट ऑफ़ फिल्म एंड टेलीविजऩ दिल्ली या फिर ब्रॉड्कास्ट मीडिया अकादमी से आप ये कोर्स कर सकते हैं।
जर्नलिज्म डिप्लोमा
मास कम्युनिकेशन का मतलब है मास से जुड़ पाना। जनता से जुड़ पाना। न्यूज़पेपर, टीवी, इंटरनेट, या फिर मैगज़ीन के द्वारा हम जनता से जुड़ पाते हैं। अगर आपके लिखने का तरीका और उसे पेश करने का तरीका अच्छा है तो आपको जर्नलिज्म का कोर्स जरूर करना चाहिए। करियर के हिसाब से भी जर्नलिज्म एक अच्छा विकल्प है। इस फील्ड में बहुत सारे डिग्री कोर्स उपलब्ध हैं, लेकिन आप डिप्लोमा भी कर सकते हैं। डिप्लोमा करने की अवधि एक साल की होती है। इस कोर्स के लिए कुछ इंस्टीट्यूट और अकादमी हैं : वीएलसी कॉलेज ऑफ़ इंडिया दिल्ली, आरके फिल्म एंड मीडिया अकादमी, डीईएस इंस्टीट्यूट ऑफ़ फिल्म एंड टेलेविजन।