बिटक्वाइन निवेशकों पर सरकार कसेगी नकेल

नई दिल्ली। वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के कारोबार को केंद्र सरकार द्वारा अवैध करार दिए जाने के बाद इसको वैध करने की तैयारी में इंडस्ट्री लग गई है। बिटक्वाइन एक्सचेंज द्वारा इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन पर ब्लॉकचेन-क्रिप्टोकरेंसी पर बनाई गई कमेटी ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार, जो भी व्यक्ति बिटक्वाइन को खरीदेगा या फिर बेचेगा उसके लिए एक केंद्रीय रिपॉसिटरी बनाई जाएगी, जिसको रियल टाइम पर अपडेट किया जाएगा। इस डाटा को तैयार करने में खरीददारी करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड मांगा जाएगा। इस डाटा में व्यक्ति के पास कितनी क्रिप्टोकरेंसी है, उसकी वैल्यू और कितनी बार खरीदा व बेचा गया है इसकी जानकारी होगी। कमेटी के अध्यक्ष अजीत खुराना ने कहा कि वो सरकार को एक हफ्ते भीतर यह प्रस्ताव देंगे। सरकार की तरफ से आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है।