बैंक हड़ताल से सात सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित

– जिले में 200 अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
श्रीगंगानगर। नोटबंदी के दौरान बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा कार्यालय समय के पश्चात् किये गये कार्य के उचित भुगतान सहित 11 सूत्री मांगों के समर्थन में मंगलवार को राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में हड़ताल रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर प्रदेशभर में की गई इस हड़ताल में 10 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। श्रीगंगानगर जिले से करीब दो हजार अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। जिला मुख्यालय पर हड़ताल में शामिल होने वाले बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या 700 से अधिक रही।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक ओपी जुनेजा ने बताया कि हड़ताल से श्रीगंगानगर क्षेत्र के सभी सार्वजनिक एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों में कामकाज पूर्णत: ठप रहा। समाशोधन गृह भी प्रभावित हुए। क्षेत्र में एक दिन की हड़ताल से करीब 700 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
हड़ताल के चलते बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने पब्लिक पार्क स्थित स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर की मुख्य शाखा के समक्ष प्रदर्शन कर रैली भी निकाली। यह रैली बैंक स्ट्रीट, रविन्द्र पथ, स्वामी दयानंद मार्ग, गोल बाजार, गांधी चौक होते हुए पब्लिक पार्क पहुंचकर विसर्जित हुई।
ये है मांगें
जुनेजा ने बताया कि यूनाइटेड फोरम जनविरोधी बैंकिंग सुधारों एवं कामगार विरोधी श्रम सुधारों का विरोध कर रही है। यूनियन की ओर से सरकार द्वारा गे्रड यूनियन अधिकारों के उल्लंघनों के प्रयास का विरोध किया जा रहा है। यूनियन की ओर से नोटबंदी के दौरान बैंक कार्य समय के पश्चात् काम करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों को उचित भुगतान करने, सेवानिवृत्ति, ग्रेच्युटी व अवकाश नकदीकरण की राशि को पूर्णत: आयकर से मुक्त करने, सभी बैंकों में कामगार/अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति करने, बैंक कर्मियों के आगामी वेतन पुनर्रिक्षण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने, पेंशन सम्बंधी मुद्दे व पेंशन योजना में आरबीआई, केन्द्र सरकार की तरह सुधार करने, एनपीएस के स्थान पर बैंकों में पूर्व में जारी पेंशन योजना जारी करने, केन्द्र सरकार की तर्ज कर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुकम्पा नियुक्ति योजना लागू करने, समस्त संवर्गांे में समुचित भर्ती करने, बैंकों द्वारा नोटबंदी में किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाने, पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य अवधि को शीघ्र प्रारम्भ करने, जानबूझकर बैंक ऋण न चुकाने वालों पर दंडनात्मक कार्रवाई की मांग कर रही है।
ग्राहक रहे परेशान
बैंकों में एक दिवसीय हड़ताल के दौरान ग्राहक परेशान भी रहे। जो लोग बैंक हड़ताल से संबंधित सूचनाओं को गम्भीरता से नहीं ले रहे थे, ऐेसे बैंक ग्राहकों को मंगलवार परेशानी उठानी पड़ी। कैश जमा करवाने, चैक क्लीयरेंस करवाने, कैश निकलवाने और डीडी बनवाने के लिए ऐसे बहुत से लोग सम्बन्धित बैंक शाखाओं में पहुंचे, लेकिन वहां लगे ताले और हड़ताल की सूचना से उन्हें निराशा मिली। हालांकि निजी बैंकों के खुले रहने से डीडी बनवाने वालों को राहत भी रही। कुछ एटीएम में भी नो कैश की स्थिति का सामना लोगों को करना पड़ा।