भारती एयरटेल ने किया टाटा टेलीसर्विसेज का अधिग्रहण

नई दिल्ली। इस साल की शुरुआत में नॉर्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनॉर के भारतीय कारोबार को करीब-करीब मुफ्त में हासिल करने के बाद भारती एयरटेल ने अब टाटा टेलीसर्विसेज का अधिग्रहण किया है। एयरटेल ने इस सौदे के साथ ही वित्तीय दबाव से जूझ रहे घरेलू दूरंसचार क्षेत्र में एकीकरण को एक नए चरण में ले गई है। नकदी-रहित और कर्ज मुक्त इस सौदे से सुनील भारती मित्तल की कंपनी एयरटेल को 71 मेगाहट्र्ज से अधिक उदार स्पेक्ट्रम हासिल होगा और साथ ही उसके खाते में 4 करोड़ ग्राहक भी जुड़ेंगे। इस सौदे का मतलब है कि टाटा समूह अपने दूरसंचार कारोबार को बंद नहीं करेगी और हजारों नौकरियों के जाने का खतरा भी नहीं होगा। 149 साल के इतिहास में टाटा ने कभी भी अपना कोई कारोबार बंद नहीं किया है। इस विलय सौदे को टाटा के लिए अपनी छवि बचाने के मौके के तौर पर देखा जा रहा है। टाटा के वायरलेस कारोबार के अधिग्रहण के साथ ही एयरटेल को एक कर्ज-मुक्त कंपनी मिलेगी और उसके ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 32.1 करोड़ हो जाएगी।