मंडियों में नहीं हुई जिंसों की बोली

– समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करवाने की मांग
श्रीगंगानगर। समर्थन मूल्य पर चने, सरसों एवं जौ की खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर सोमवार जिले की अनेक मंडियों में बंद का आह्वान किया गया। इसके चलते कई जगह बोली नहीं हुई और धानमंडियां वीरान नजर आई।
केसरीसिंहपुर। अखिल भारतीय किसान सभा व गंगनहर बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने दोपहर 12 बजे उपतहसील में जाकर तहसीलदार गजेन्द्र सिंह नैन को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला संयोजक हरजीत सिंह गिल, तहसील उपाध्यक्ष रणजीत सिंह मलकाना खुर्द व तहसील सचिव सहीराम के नेतृत्व मे आज काफी संख्या में सुबह 11 बजे धानमंडी में इकट्ठे हुए। धानमंडी में कामकाज ठप रहा। इस मौके पर किसान सभा व गंगनहर बचाओ समिति के शिवराम सिंह, हरदीप सिंह, शिम्भु सिंह, बलदेव सिंह, लक्ष्मण सिंह, गुरमुख सिंह, सतनाम सिंह, रतन सिंह, सुखचैन, मुख्तार सिंह, गुरचरण सिंह, निर्मल सिंह, सरदूलसिंह व राजेन्द्र सिंह बराड़, हरिसिंह खालसा आदि मौजूद थे।
सादुलशहर। भारतीय किसान संघ इकाई सादुलशहर के नेतृत्व में किसानों ने कृषि उपज मंडी सचिव को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम ज्ञापन सौंपा और मांग की कि रबी की सरसों की फसल पककर तैयार है। मण्डी में भी आवक होने लगी है लेकिन अब तक राज्य सरकार से समर्थन मूल्य पर खरीद चालू नहीं हो रही है। इससे किसान को फसल का कम दाम मिल रहा है और भारी नुकसान उठा रहा है। ज्ञापन देने वालों में भारतीय किसान संघ के तहसील प्रभारी सुभाष सहारण, उम्मीद नोजल, तहसील सदस्य शिवप्रकाश सहारण, समाजसेवी युवा किसान मंगत सहारण, देवीलाल, राजेश कड़वासरा, सन्तराम बिश्नोई आदि किसान शामिल थे।
रायसिंहनगर।  नई धान मंडी में बंद के दौरान किसी भी प्रकार की जिंसों  की आज बोली नहीं हुई। बंद को लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर  व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया। दोपहर तक नई धान मंडी के अधिकतर दुकानें बंद रहीं। किसान संगठनों के नेतृत्व में व्यापारियों ने आज मिनी सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेता राकेश कुमार थिद, गजेंद्र सिंह गिल, नानूराम सर्वा, पिंकी गौड व्यापार मंडल  के अध्यक्ष एव व्यापारी, किसान नेता तरनजोत  ज्योत बराड़ सहित किसान उपस्थित रहे। एसडीएम कैलाश चंद्र नगर को विभिन्न संगठनों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया एव जल्दी सरकार से सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की गई।