मकान पजेशन में देरी पर 10.9 फीसदी ब्याज

homeनई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट कानून से जुड़े नियमों को नोटिफाई करके खरीदारों को बड़ी राहत दी है। अब बिल्डर की ओर से पजेशन में देरी और खरीदार की ओर से किस्त जमा करने पर देरी, दोनों के लिए पेनल्टी की दर बराबर कर दी गई है। पजेशन में देरी पर बिल्डर 10.9 फीसदी की दर से खरीदार को ब्याज देंगे और किस्त में देरी पर भी खरीदार को इसी दर से पेनल्टी लगेगी। पहले किस्त में देरी होने पर खरीदारों को 15 फीसदी की दर से पेनल्टी का भुगतान करना होता था। इसके अलावा अगर खरीदार रिफंड चाहते हैं तो उनको उसी दर से पूरी रकम पर रिफंड पाने का हक होगा। बिल्डर को दावा किए जाने के 45 दिनों के अंदर रकम चुकानी होगी। ब्याज दर एसबीआई की मार्जिनल मनी की लैंडिंग रेट से 2 फीसदी ज्यादा तय की गई है। अब इन नियमों के नोटिफाई होने के बाद प्रत्येक बिल्डर को स्टेट रेग्युलेटर के पास अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए आवेदन करने के तीन महीने के अंदर डिवेलपर्स को जुटाए गए फंड्स का 70 फीसदी एक अलग बैंक खाते में जमा कराना होगा। इस नियम का फायदा यह होगा कि डिवेलपर्स अपना फंड किसी और प्रॉजेक्ट्स में इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, जिससे समय पर निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा और लोगों को समय पर मकान मिल सकेगा। डिवेलपर्स को किसी प्रॉजेक्ट के रजिस्टेशन के समय यह भी बताना होगा कि कितने समय में वह खरीदार को मकान सौंप देंगे।