मत मांगो अनावश्यक मार्गदर्शन

– सहकारिता विभाग ने अधिकारियों को किया पाबंद
श्रीगंगानगर। सहकारिता विभाग ने अधीनस्थ अधिकारियों को अनावश्यक मार्गदर्शन मांगे जाने से बचने के लिए कहा है। इस बारे में विभाग ने केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेेशकों को पाबंद किया है कि अनावश्यक न मांगा जाए। सहकारिता विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार जीएल स्वामी के अनुसार आमतौर पर केन्द्रीय सहकारी बैंकों से विभागीय आदेशों के संदर्भ में मार्गदर्शन मांगा जाता है। इसके साथ ही विभागीय आदेश/परिपत्र आदि की छायाप्रति और उनके संबंध में भी मार्गदर्शन मांगा जाता है। इस प्रक्रिया में समय, श्रम और संसाधनों का अनावश्यक दुरूपयोग होता है। इसलिए विभागीय आदेशों/नियमों/परिपत्रों व नियमों के प्रावधानों के अनुसार जिन प्रकरणों में स्थिति स्पष्ट होती है, उनमें उसी अनुरूप कार्रवाई की जाए। इससे अनावश्यक मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं रहेगी और समय-संसाधनों की बचत होगी।