मर्चेंट नेवी में बनाना चाहते हैं करियर

मर्चेंट नेवी की कंपनियों को कई तरह के पेशेवर कौशल वाले कर्मचारियों की जरूरत होती है। मोटे तौर पर कंपनियां जहाज के तीन विभागों-नॉटिकल (डेक), इंजीनिर्यंरग और कैटरिंग के लिए भर्तियां करती हैं। इसलिए रोजगार के अधिकांश मौके इन्हीं विभागों की जरूरतों से पैदा होते हैं।
‘मर्चेंट नेवी,, यह नाम ही अपने बारे में काफी कुछ स्पष्ट कर देता है। फिर भी सामान्य अर्थों में यह एक पेशा है, जिसमें व्यावसायिक कार्यों के लिए जलपोतों का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार लोग मर्चेंट के साथ ‘नेवी, के जुड़ाव से इसे नौसेना का अंग मान लेते हैं, जबकि यहां ‘नेवी, का अर्थ सिर्फ व्यावसायिक जलपोतों के काफिले तक सीमित है। आमतौर पर समुद्री मार्ग से तेल, अनाज, भारी मशीनों और अन्य सामग्रियों का परिवहन करने वाली कंपनियों के पास कई जहाज और सैकड़ों लोग होते हैं।
नॉटिकल विभाग
इस विभाग को डेक डिपार्टमेंट भी कहा जाता है। इस विभाग में नियुक्त लोगों का काम बेहतर रेडियो कम्युनिकेशन के जरिए जहाजों का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना होता है। इसके अलावा कार्गो (सामान) की लोडिंग-अनलोडिंग और सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान भी इन्हें रखना होता है। इस विभाग में टीएनओसी (कैडेट) के रूप में करियर की शुरुआत होती है। इसके बाद बढ़ते अनुभव के साथ थर्ड ऑफिसर, सेकेंड ऑफिसर और चीफ ऑफिसर आदि पद हासिल किए जा सकते हैं।
इंजीनियरिंग विभाग
जहाज की सभी तकनीकी इकाइयों को उनकी क्षमता के साथ संचालित करने का दायित्व इस विभाग पर होता है। इस विभाग के पेशेवरों का प्रमुख कार्य अलग-अलग मशीनों (टर्बाइन, इंजन और कंट्रोल सिस्टम आदि) की जांच और मरम्मत करना होता है। इन कार्यों के लिए इंजीनियर और तकनीशियन नियुक्त किए जाते हैं। पद के नजरिए से इस विभाग में काफी विविधता देखने को मिलती है। यहां जूनियर इंजीनियर, फोर्थ इंजीनियर, थर्ड इंजीनियर, सेकेंड इंजीनियर और चीफ इंजीनियर जैसे कई पद होते हैं।
कैटरिंग विभाग
यह विभाग जहाज पर सवार लोगों के भोजन और आराम की व्यवस्था करता है। इसके अलावा यात्रियों के कपड़ों के लिए लॉन्ड्री सेवा भी इसी विभाग के जिम्मे होती है। कैटरिंग एंड हॉस्पिटैलिटी का प्रशिक्षण या अनुभव रखने वालों को इस विभाग में नियुक्त किया जाता है।
योग्यता
मरीन इंजीनियरिंग या नेवल आर्किटेक्चर एंड शिप बिल्डिंग में बीटेक करने के लिए अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के साथ बारहवीं में पास होना जरूरी है। ज्यादातर संस्थान फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में 60 फीसदी औसत अंक होने पर ही दाखिला देते हैं। मरीन इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है। बीई/ बीटेक डिग्री के बाद इसमें प्रवेश लिया जा सकता है।
नॉटिकल ऑफिसर बनने के लिए नॉटिकल साइंस में तीन वर्षीय बीएससी डिग्री आवश्यक है। इस पाठ्यक्रम के लिए भी विज्ञान विषयों (मैथ्स जरूरी) के साथ बारहवीं पास होना जरूरी है।
इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी सहित कई संस्थान नॉटिकल साइंस में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी संचालित कर रहे हैं। इनमें बारहवीं पास के अलावा बीएससी या बीटेक डिग्रीधारक भी प्रवेश ले सकते हैं।
कुछ संस्थानों में अब पोर्ट एंड शिपिंग मैनेजमेंट, मैरीटाइम इकोनॉमिक्स एंड ऑपरेशंस और ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स आदि विषयों में पीजी डिप्लोमा या एमबीए करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इन पाठ्यक्रमों में गैर-तकनीकी विषयों के स्नातक भी प्रवेश ले सकते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया
मरीन इंजीनियरिंग के बीटेक कोर्स में दाखिला प्रवेश परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर होता है। इसी तरह बीएससी, डिप्लोमा और मास्टर डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश भी लिखित परीक्षा से होते हैं।
जरूरी व्यक्तिगत गुण
यह क्षेत्र पेशेवर दृष्टि से उन लोगों के लिए है, जो शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हैं। इसमें काम करने वालों को अक्सर हफ्तों या महीनों लंबी समुद्री यात्राएं करनी पड़ती हैं। अपनों से दूर रहकर यात्रा में आने वाली हर समस्या का सामना खुद करना पड़ता है, इसलिए बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यक है।
प्रभावी नेतृत्व क्षमता यहां भी अन्य पेशों की तरह काफी मायने रखती है, क्योंकि इससे अपने साथियों और नियोक्ता के हित में बेहतर निर्णय लेने में सुविधा होती है।
शांत और नम्र स्वभाव का होना भी इस पेशे की एक अहम जरूरत है। काम के लंबे घंटों के कारण कई बार साथियों के बीच संबंध तनावपूर्ण होने लगते हैं। ऐसे में शांत और नम्र स्वभाव वाले अधिक तनाव झेलने में सक्षम रहते हैं और दूसरों के लिए प्रेरक बनते हैं।
प्रमुख पाठ्यक्रम
– बीटेक (मरीन इंजीनियरिंग)
-बीटेक इन नेवल आर्किटेक्चर एंड शिप बिल्डिंग
-बीएससी (नॉटिकल साइंस)
-बीएससी (मैरीटाइम साइंस)
-बीएससी (शिप बिल्डिंग एंड रिपेयर्स)
-बीएससी इन शिप रिपेयर एंड शिप बिल्डिंग
-डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस
-एमटेक (मरीन इंजीनियरिंग)
-पीजी डिप्लोमा इन मरीन इंजीनियरिंग
-पीजी डिप्लोमा इन मैरीटाइम इकोनॉमिक्स एंड ऑपरेशन्स , पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स , एमबीए (पोर्ट एंड शिपिंग मैनेजमेंट)
प्रमुख संस्थान
-इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नई
-कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, केरल,
-आईआईटी खडग़पुर, पश्चिम बंगाल
-इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन इंजीनियर्स (इंडिया), मुंबई