महंगे होते पेट्रोल-डीजल से चिंता में सरकार

– पर फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं
नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमत आधी रह जाने के बावजूद पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से सरकार चिंतित है। ऐसे में आम जनता को भावी मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए कुछ उपायों पर विचार किया जा रहा है। वैसे तो सरकार की तरफ से फिलहाल केंद्रीय शुल्कों में कमी की संभावना से इन्कार किया गया है लेकिन राज्य सरकारों पर पेट्रोल व डीजल पर लागू बिक्री कर या वैट की दरों में कमी करने का दबाव बनाया जा सकता है। इसी तरह से अगर आने वाले दिनों में भी खुदरा कीमतें बढ़ती हैं तो तेल कंपनियों को भी कुछ हद तक मूल्य वृद्धि का बोझ वहन करने को कहा जा सकता है। इससे आम जनता को कुछ हद तक संभावित मूल्य बढ़ोतरी से राहत मिल सकती है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जब यह पूछा गया कि क्या सरकार रोजाना कीमत तय करने के फॉर्मूले में कोई बदलाव करेगी तो उनका जवाब था कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।