माइग्रेन से छुटकारा पाने के लिए वरदान है ये 1 आयुर्वेदिक नुस्खा

तनाव भरा जीवन, अनियमित और दूषित खानपान व भागदौड़ भरी जिंदगी के चलते आजकल लोगों में मानसिक रोग की समस्या बढ़ती ही जा रही है। ना सिर्फ उम्रदराज लोग बल्कि छोटे छोटे बच्चे भी मानसिक रोग माइग्रेन व डिप्रेशन जैसी खतरनाक समस्या के शिकार हो रहे हैं। ये रोग बहुत तेजी से युवाओं को अपना निशाना बना रहा है। ये रोग इतना मामूली हो गया है कि आम इंसान ही नहीं बल्कि कई टीवी हस्ती भी मानसिक रोग की चपेट में घिरे हुए हैं। कई लोग अपने लाइफस्टाइल के चलते इसकी चपेट में आते हैं। वहीं, कुछ लोगों को तो यह बीमारी सौगात में मिलती है। माइग्रेन का दर्द बड़ा ही तेज होता है, जिसमें सिर के एक ही ओर तेज दर्द होने लगता है। यह दर्द कई अन्य बीमारियों की भी न्यौता देता है, जैसे- चक्कर, आंखों का कमजोर होना, उल्टी, कमजोरी और थकान।
कैसे होता है माइग्रेन
माइग्रेन की चपेट में इंसान तब आता है जब सिर के अंदर की रक्त नलिकाएं सिकुडऩ लगती है और मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में रक्त संचार कम हो जाता है। इसके कारण दृष्टि दोष या सूनापन का आभास होने लगता है। उसके बाद सिर के बाहर वाली रक्त नलिकाएं फैलने लगती हैं जिससे तीव्र सिरदर्द महसूस होता है। सीरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्राव माइग्रेन के होने में मुख्य भूमिका निभाता है। इस रोग से बचने के लिए आपको अपने लाइफस्टाइल के साथ ही अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देना पड़ता है। हालांकि आज हम आपको माइग्रेन से बचने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो—
अगर आप माइग्रेन के लक्षणों से वाकिफ हैं तो तब तो ठीक है। लेकिन अगर आप माइग्रेन के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, लेकिन आपको सिर में दर्द रहता है तो आप हल्के हाथों से कंधों और गर्दन की मालिश करें। ऐसा करने से सिर दर्द से तो राहत मिलेगी ही साथ ही बदन दर्द से भी राहत मिलेगी।
एक तौलिये को नॉर्मल पानी में डुबाकर उससे सिर और गर्दन के आसपास मालिश करें। कुछ लोगों को ठंडे पानी से की गई मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकडों का प्रयोग भी किया जा सकता है।
सिर दर्द होने पर अपनी सांस की गति को थोड़ा धीमा कर दीजिए, लंबी सांसे लेने की कोशिश बिलकुल मत कीजिए। आराम से सांस लेने से आपको दर्द के साथ होने वाली बेचैनी से भी राहत मिलेगी।
माइग्रेन में सिर दर्द होने पर धीमी आवाज में संगीत सुनना बहुत फायदेमंद होता है। दर्द से राहत पाने के लिए बंद कमरे में हल्की आवाज में अपने पसंदीदा गानों को सुनिए, सिरदर्द कम होगा और आपको राहत मिलेगी। लेकिन अगर आपको अपने आसपास एकदम शांति चाहिए तो आप ऐसा भी कर सकते हैं। कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से रगडऩे से भी माइग्रेन में दर्द होने पर आराम मिलता है। नींबू के छिलके को पीसकर, इसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द से राहत मिलती है और माइग्रेन ठीक होता है। साथ ही शरीर में होने वाली बेचैनी और जलन से भी आराम मिलता है।