मानसून से पहले साफ कराओ नाले-नालियां

– जल स्वावलम्बन में कम प्रगति पर संभागीय आयुक्त ने जताई नाराजगी
श्रीगंगानगर। संभागीय आयुक्त सुआलाल ने नगर परिषद और नगर विकास न्यास के अधिकारियों को पाबंद किया है कि मानसून सक्रिय होने से पहले नाले-नालियों की साफ-सफाई करवा ली जाए ताकि बाद में आमजन को दिक्कत न आए। वे गुरुवार सुबह जिला कलक्टे्रेट में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में संभागीय आयुक्त ने मानसून सक्रिय होने से पहले शहरी, ग्रामीण क्षेेत्रों मेें साफ-सफाई पर्याप्त होगी तो बरसाती पानी की निकासी में दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए नगर परिषद और नगर विकास न्यास के अधिकारी समय रहते पर्याप्त सफाई करवा लेवें। शहर में प्रवेश द्वारों के क्षतिग्रस्त होने और टूटी सड़कों का जिक्र करते हुए उन्होंने इनकी मरम्मत की आवश्यकता जताते हुए अधिकारियों को आदेशित किया कि इनमें अपेक्षित सुधार किए जाएं।
पेयजल वितरण व्यवस्था को सुचारू करने और पट्टा वितरण अभियान मेें नगर परिषद द्वारा महज 70 पट्टे बनाए जाने पर हैरानी जाहिर करते हुए संभागीय आयुक्त ने नगर परिषद आयुक्त से इसकी वजह पूछी। इस पर आयुक्त ने कहा कि नगर परिषद द्वारा आयोजित शिविरों में नगर विकास न्यास और ग्राम पंचायत क्षेत्रों के लोग भी पहुंच रहे हैं। नियमानुसार क्षेत्राधिकार से बाहर होने की वजह से उनके पट्टे नगर परिषद नहीं बना सकती, इसलिए पट्टे कम बने हैं। उन्होंने सीवरेज प्रोजेक्ट निर्धारित अवधि में पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को पाबंद करते हुए शहर में बनने वाली एसटीपी और अमृत योजना की अब तक की प्रगति की जानकारी भी ली।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अमृत योजना में 2.5 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई है। इस योजना में शहर के 4 पार्क रामलीला मैदान, इंदिरा वाटिका, सुखाडिय़ा सर्किल तथा वार्ड नम्बर 45 के पार्क को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जल स्वावलम्बन के स्वीकृत सभी कार्य 7 जुलाई तक आवश्यक रूप से पूर्ण होने चाहिए। पट्टा अभियान की अब तक की प्रगति की समीक्षा की तथा निर्देशित किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकतम गरीब परिवारों को पट्टे दिये जायें। जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि शहर में तीन एसटीपी स्वीकृत हुई थी, जिनमें से सदभावना नगर की एसटीपी का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा सीवरेज लाइन को एसटीपी से जोडऩा शेष है। उन्होंने नगर विकास न्यास को निर्देशित किया कि नोडल विभाग होने के कारण स्वीकृत प्रोजेक्ट को शीघ्र पूरा करवाएं।
जिला कलक्टर ने बताया कि आरयूआईडीपी के तहत शहर में स्वच्छ पेयजल के लिये भी परियोजना पर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर वीरेन्द्र कुमार, आयुक्त नगर परिषद सुनीता चौधरी, न्यास सचिव कैलाशचंद शर्मा, आरयुआईडीपी के अधीशाषी अभियंता दलीप गौड़, समाज कल्याण के सहायक निदेशक बीपी चंदेल सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।