मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका, न्यायालय ने सुनाया ये फैसला

शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को साल 2009-2010 की आयकर रिटर्न की दोबारा असेसमेंट करने पर रोक लगाने के मामले में झटका लगा है। कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की इन्कम टैक्स ट्रिब्यूनल के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने वीरवार को यह फैसला सुनाया। वीरभद्र सिंह ने इन्कम टैक्स ट्रिब्यूनल के 8 दिसंबर 2016 को पारित आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वीरभद्र ने अपील दायर कर उनकी आयकर रिटर्न की दोबारा असेसमेंट पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। हिमाचल हाईकोर्ट में लंबे समय से इस मामले को लेकर सुनवाई चली। बीते सितंबर महीने में कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। वीरवार को हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह की अपील को खारिज करने का फैसला सुनाया। हाईकोर्ट में एचपीसीए के खिलाफ धर्मशाला में दर्ज अवैध पेड़ कटान मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 22 नवंबर तक टल गई है। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई। एचपीसीए की ओर कोर्ट को बताया गया कि इस केस से जुड़े एक मामले पर 11 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। एचपीसीए ने उनके खिलाफ सरकारी भूमि से सवा चार सौ पेड़ो के अवैध कटान को लेकर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की अपील की थी।