मैरिज पैलेस में ‘आग’, हर कोई दौड़ा उधर

– दमकल, पुलिस व प्रशासन की गाडिय़ों को सूरतगढ़ रोड पर दौड़ते देख लोग अनहोनी के अंदेशे से सहमे
– सबसे पहले पहुंची दमकल, विद्युत निगम के अधिकारी सबसे आखिर में
श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ रोड पर एक मैरिज पैलेस में भयंकर आग लगने की सूचना पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी दौड़ पड़े। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों, दमकल व अन्य विभागों की गाडिय़ां दौडऩे पर शहर के लोग किसी अनहोनी की आशंका से एकबारगी सहम गए। जब लोगों को हकीकत का पता लगा तो उन्होंने राहत की सांस ली। दरअसल, सरकारी विभागों की सक्रियता मापने के लिए जिला विशेष शाखा की ओर से मॉक ड्रिल की गई थी। आग लगने की सूचना मिलने पर सबसे पहले सदर पुलिस थानाप्रभारी व दमकल की गाडिय़ां पहुंचीं और सबसे देरी से पहुंचने वालों में विद्युत निगम के अधिकारी थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला विशेष शाखा के प्रभारी सीआई सुरेश मीणा आज सुबह 9 बजे सूरतगढ़ रोड पर स्थित एक मैरिज पैलेस के सामने पहुंचे। विशेष शाखा की ओर से पुलिस कन्ट्रोल रूम से सभी विभागों के अधिकारियों व कार्यालयों को 9.16 बजे सूचना दी गई कि मैरिज पैलेस में भीषण आग लग गई है, तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों का पहुंचना आरंभ हुआ। जिला विशेष शाखा की ओर से मॉकड्रिल के दौरान देरी से पहुंचने वाले विभागों के बारे में जिला कलेक्टर को रिपोर्ट दी जाएगी। जिला प्रशासन उन विभागों के प्रभारियों को नोटिस जारी करके जवाब तलब करेगा।
जानिए, कौन पहुंचा कितने बजे
दमकल की गाड़ी सुबह 9.24 बजे, पुलिस कप्तान हरेन्द्र महावर 9.25 बजे, जिला कलेक्टर ज्ञानाराम 9.28 बजे, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी 9.32 बजे, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नख्तदान बारहठ 9.31 बजे, एडीएम सिटी 9.35 बजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र चौधरी 9.34 बजे, सीआईडी जोन 9.50 बजे, पुलिस उप अधीक्षक तुलसीदास पुरोहित 9.33 बजे, होमगार्ड के सीओ नवनीत जोशी 9.51 बजे, विद्युत निगम के अधिकारी 9.50 बजे, कोतवाली थाना प्रभारी नरेन्द्र पूनियां 9.25 बजे, पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश सर्वटा 9.28 बजे, सदर थाना प्रभारी कुलदीप वालिया 9.22 बजे, जवाहरनगर थाना प्रभारी शकील अहमद 9.25 बजे, महिला थाना प्रभारी कविता पूनियां 9.30 बजे, टे्रफिक शाखा प्रभारी सुशील खत्री 9.29 बजे, नागरिक सुरक्षा अधिकारी 9.45 बजे मौके पर पहुंचे। सबसे बड़ी लापरवाही सरकारी एम्बूलैंस की सामने आई। साढ़े दस बजे तक एम्बूलैंस मौके पर नहीं पहुंची, जबकि एम्बूलैंस की सबसे पहले जरूरत पड़ती है।