मोदी को नोटबंदी का मंत्र देने का दावा करनेवाले खफा

pm-modi-कहा- सरकार ने पसंद के सुझाव माने, बाकी छोड़ दिए
मुंबई। नोटबंदी की घोषणा हुई और लोग इसे प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी का काले धन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइकÓ बता रहे हैं। हालांकि, पुणे निवासी अनिल बोकिल और उनके थिंक टैंक अर्थक्रांति प्रतिष्ठान का दावा है उन्होंने ही प्रधानमंत्री को इसका आइडिया दिया था। बोकिल के मुताबिक, जुलाई महीने में उन्हें मोदी से मिलने के लिए महज नौ मिनट का वक्त मिला था। लेकिन जब मोदी ने बोकिल को सुना तो दोनों के बीच बातचीत दो घंटों तक खिंच गई। इस बातचीत का परिणाम नोटबंदी के रूप में सामने आया। अब जब देशवासी बैंकों और एटीएमों के सामने लाइन लगा कर खड़े हैं, बोकिल इसका दोष सरकार पर मढ़ रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने उनके सुझाव को पूरा-पूरा मानने के बजाय अपनी पसंद को तवज्जो दी। उन्होंने मुंबई मिरर से कहा कि मंगलवार को वह प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जा रहे थे। हालांकि, मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से कोई कन्फर्मेशन नहीं आया था। काले धन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइकÓ में क्या गड़बड़ी हुई, इस बारे में अनिल बोकिल का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने एक व्यापक प्रस्ताव रखा था जिसके पांच आयाम थे। हालांकि, सरकार ने इनमें सिर्फ दो को ही चुना। यह अचानक उठाया गया कदम था, ना कि बहुत सोचा-समझा। इस कदम का ना ही स्वागत किया जा सकता है और ना ही इसे खारिज कर सकते हैं। हम इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं। हमने सरकार को जो रोडमैप दिए थे, उससे ऐसी परेशानियां नहीं होतीं।