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याचिका पर भड़का सुप्रीम कोर्ट

– पंजाब नेशनल बैंक के साथ नीरव मोदी की धोखाधड़ी मामला
– कहा- पहले सरकार को कार्रवाई तो करने दें
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ नीरव मोदी की 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि पहले सरकार को अपनी कार्रवाई पूरी करने का मौका दिया जाना चाहिए।
इस महाघोटाले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस पीआईएल के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए याचिकाकर्ता को भी फटकार लगाए। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी तैयारी के ही अखबारों की क्लिपिंग के आधार पर जनहित याचिका दायर कर दी गई। चीफ जस्टिस के अलावा इस बेंच में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खानविलकर शामिल थे। उन्होंने साफ किया कि हम सरकार की कार्रवाई से पहले कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हमें सरकार को कानून के हिसाब से अपने कर्तव्यों के निर्वहन का मौका देना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर उनकी कार्रवाई में कोई खामी रहती है, तो फिर हम देखेंगे कि इसमें हमें दखल देना चाहिए या नहीं।
वहीं इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।विभिन्न एजेंसियां इसकी जांच कर रही है और कई आरोपियों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि बस कानूनी पहलुओं पर ही बात होगी। सुप्रीम कोर्ट अब 16 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर इस पीआईएल में इस घोटाले की एसआईटी जांच का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। इसके साथ ही इसमें शीर्ष अदालत से मामले में जल्द से जल्द और हो सके तो दो महीने में नीरव मोदी और दूसरे आरोपियों के प्रत्यर्पण को लेकर केंद्र को निर्देश देने का आग्रह किया गया था।