यूपी : आंधी-बारिश से 12 लोगों की मौत, जनजीवन प्रभावित

लखनऊ। धूल भरी आंधी के बाद बारिश से बुधवार शाम उत्तर प्रदेश में तबाही मच गई। कई स्थानों पर ओले गिरे, पेड़ उखड़ गए, विद्युत खंभे गिरे और मकान ढह गए। रेल और सड़क यातायात बाधित हुआ। पेड़ गिरने से ग्वालियर-बरेली हाईवे पर आवागमन ठप हो गया। आंधी पानी से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। फसलों को नुकसान पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आपदा पीडि़तों को तुरंत राहत पहुंचाने के आदेश दिए हैं। आंधी का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए बुधवार देर शाम लखनऊ और आसपास के जिलों तक पहुंच गया। धूल भरी आंधी के चलते से मौसम का मिजाज बदल गया। कानपुर में आंधी-पानी के साथ कई जगह ओले गिरे। काफी संख्या में पेड़ और विद्युत पोल धराशायी हो गए। इटावा के थाना वैदपुरा क्षेत्र के ग्राम विचपुरी खेड़ा में विद्युत पोल गिरने से अकील की दबकर मौत हो गई। इसके अलावा जिले में दो अन्य लोगों की भी मौत हो गई। पेड़ गिरने से जनकश्री का पैर टूट गया। जसवंतनगर के ग्राम सिंघावली में दीवार गिरने से संजय, लल्लन मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्वालियर-बरेली हाईवे पर बसरेहर के समीप बुलाकीपुरा मोड़ पर पेड़ गिरने से दोनों ओर का आवागमन ठप हो गया। औरैया जिले में भी बारिश के साथ ओले गिरे। गांव डोरी का पुरवा में पेड़ गिरने से दबकर एक युवक और गांव जलूपुर में दीवार गिरने एक परिवार के चार लोग मलबे में दबने से घायल हो गए। कन्नौज जिले में भी बारिश संग ओले गिरे। छिबरामऊ के कसावा में टीनशेड उडऩे से नगला मान में मिजाबी लाल जख्मी हो गए। फर्रुखाबाद विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। निर्माणाधीन भवन की दीवार गिर गई।