रद्द रेल टिकट का रिफंड जल्दी कराएगा आईआरसीटीसी, ले पाएंगे रियल टाइम स्टेटस

लखनऊ। क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के जरिए बनवाए गए टिकटों के निरस्तीकरण के बाद खाते में उसका रिफंड न पहुंचने से परेशान यात्रियों को जल्द राहत मिल सकती है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी), यात्रियों का किराया जल्द रिफंड कराएगा। इसके लिए आईआरसीटीसी ने सभी बैंकों को अपने ई-वॉलेट की तर्ज पर रिफंड क्रेडिट करने को पत्र लिखा है। वहीं रिफंड के अपडेट को रियल टाइम देख पाएंगे। रेलवे ने इसके लिए वेबसाइट ह्म्द्गद्घह्वठ्ठस्र.द्बठ्ठस्रद्बड्डठ्ठह्म्ड्डद्बद्य.द्दश1.द्बठ्ठ लॉन्च की है जिस पर यात्री अपने टिकट पीएनआर डालकर देख सकता है कि उसके रिफंड की क्या स्थिति है। इससे पता चलेगा कि रिफंड मंजूर हुआ या नहीं और अगर हुआ तो चेक या ड्राफ्ट तैयार हुआ या नहीं या फिर उसे आपके पते पर भेजा गया है या नहीं। रोजाना देश भर में आरक्षित श्रेणी के 10 लाख रेल टिकट बनते हैं। इसमें सात लाख से अधिक टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बनाए जाते हैं। इन टिकटों का भुगतान क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किया जाता है, जो कि बैंकों के गेटवे से आईआरसीटीसी के खाते में पहुंचता है। सुबह 10 और 11 बजे के समय आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लोड अधिक रहता है। इस वक्त बनवाए गए टिकट की तय रकम तो खाते से कट जाती है लेकिन, कई बार टिकट नहीं बन पाता है। वहीं कई बार यात्रियों को जरूरी कारणों से अपनी यात्रा निरस्त करनी पड़ती है। ऐसे में टिकट निरस्तीकरण के बाद नियमानुसार कटौती करने के बाद शेष किराया तीन दिन के भीतर यात्रियों के बैंक खाते में क्रेडिट हो जाना चाहिए। इसी तरह ऑनलाइन टिकट डिपॉजिट रसीद (टीडीआर) को भरने के बाद भी कई बार यात्रियों के अकाउंट में किराया नहीं पहुंचता है। उधर, नोटबंदी के बाद रेलवे ने अपने आरक्षण काउंटरों पर एसबीआई की प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीन तो लगा दी है, लेकिन इससे टिकट निरस्तीकरण पर सैकड़ो यात्रियों का रिफंड आज तक उनके खाते में नहीं पहुंच सका है। वजह, आईआरसीटीसी से रिफंड होने के बावजूद कई बैंक मैनुअल तरीके से समय पर उसे खाते में क्रेडिट नहीं कर रहे।