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रहस्य: केदारनाथ से लेकर तमिलनाडु तक एक सीधी रेखा में कैसे बने शिव मंदिर

नई दिल्ली। आज विज्ञान भले ही कितने उन्नत होने का दावा करे, लेकिन भारत के ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म ने जिस ऊंचाइंयों को छुआ है, उसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता है। इसकी मिसाल है एक हजार साल से भी पुराने ये आठ शिव मंदिर, जो एक दूसरे से 500 से 600 किमी दूर स्थित हैं। मगर, उनकी देशांतर रेखा एक ही है। सीधी भाषा में कहें, तो सभी मंदिर एक सीध में स्थापित हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्राचीन हिंदू ऋषियों के पास कोई ऐसी तकनीक थी, जिसके माध्यम से उन्होंने भौगोलिक अक्ष को मापा और इन सभी सात शिव मंदिरों को एक सीधी रेखा पर बनाया। यह संभव हो सकता है क्योंकि बिना किसी माप प्रणाली के इन मंदिरों को एक सीधी रेखा में बनाना संभव नहीं है, खासतौर पर तब जबकि वे एक दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। ये सभी मंदिर भौगोलिक दृष्टि से 79एश्व,41Ó,54 देशांतर रेखा पर स्थित हैं। यह साबित करता है कि वर्तमान विज्ञान जिस पर हमें गर्व है, प्राचीन योगिक विज्ञान का 10 फीसद भी नहीं है।