राजस्थान खान विभाग करेगा नए बजरी ब्लॉक्स नीलाम, मिलेगी राहत

जयपुर। सु्प्रीम कोर्ट की रोक के बाद राजस्थान में बजरी का खनन पूरी तरह से बंद हो गया है. बजरी खनन पर रोक के बाद सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में लाखों करोड़ के प्रोजेक्ट भी ठप हो गए हैं। पुरानी 53 बड़ी लीज पर बजरी खनन बंद होने से प्रदेश के हजारों लोगों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है, हालांकि खान विभाग की ओर से प्रदेश में बजरी के नए ब्लॉक्स की नीलामी अंतिम दौर में है. प्रथम चरण में खान विभाग की ओर से प्रदेश के 24 बजरी ब्लॉक्स की नीलामी की जा रही है. 24 ब्लॉक्स की ई-नीलामी की गई है. दिसम्बर माह में 24 बजरी के ब्लॉक्स का आवंटन कर दिया जाएगा. बजरी के इन ब्लॉक्स की नीलामी से जोधपुर, चित्तौडग़ढ़, भीलवाड़ा, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और सिरोही जिले में बजरी संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, प्रदेश में पिछले तीन सालों से 27 ब्लॉक्स में बजरी का खनन नहीं हो रहा है, जिससे राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. राज्य सरकार की ओर से जिन संवेदकों को बजरी ब्लॉक्स का आवंटन किया गया था, उनकी ओर से न्यूनतम राशि जमा नहीं कराने के कारण बजरी का खनन नहीं हो पा रहा था. सरकार की ओर से ऐसे 27 में से 24 ब्लॉक्स के खनन पट्टे निरस्त कर दिए थे. खान विभाग की ओर से अब इन बजरी के ब्लॉक्स की फिर से नीलामी की जा रही है। इन बजरी ब्लॉक्स की नीलामी के बाद आमजन को आसानी से और सस्ती दरों बजरी मिल सकेगी. प्रदेश में नए साल में बजरी के तीन सौ से ज्यादा और नए ब्लॉक्स नीलाम किए जाएंगे. मांग और आपूर्ति का गेप कम करने के लिए बजरी के छोटे-छोटे ब्लॉक्स नीलाम किए जाएंगे, ताकि आपूर्ति आसानी से हो और सस्ती दरों पर आमजन को बजरी मिल सके. प्रदेश में नए साल में बजरी के तीन हजार से ज्यादा छोटे-छोटे ब्लॉक्स नीलाम किए जाएंगे ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही राज्य सरकार का राजस्व बढ़ाया जा सके.