राजस्थान में होगा तांत्रिकों और ओझाओं का सर्वे

जयपुर। महिलाओं को डायन बताकर प्रताडि़त करने वाले और गांवों में अंधविश्वास फैलाने वाले तांत्रिकों, ओझाओं और भोपों को चिन्हित करने के लिए राजस्थान सराकर एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण कराएगी और यह देखा जाएगा कि किन इलाकों में इनका जोर ज्यादा है। राजस्थान के गांवों में महिलाओं को डायन बताकर प्रताडि़त करने की कई घटनाएं सामने आती है।
आमतौर पर विधवा और नि:सन्तान महिलाओं को डायन बताकर उनके साथ अत्याचार किया जाता है। इन तांत्रिकों और ओझाओं को चिन्हित करने के लिए राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने अपने सभी जिलों के अधिकारियों को 31 दिसम्बर तक सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए है। इस सर्वेक्षण में इन्हें चिन्हित कर इनकी सूची बनाई जाएगी और वे इलाके चिन्हित किए जाएंगे जहां इनका ज्यादा असर दिख रहा है। इसके बाद इन्हें पकडऩे के लिए राज्यव्यापाी अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने राजस्थान के 14 जिलों जयपुर, बूंदी, टोंक, चित्तौडगढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, अजमेर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बांसवाडा, सवाई माधोपुर और डूंगरपुर को इस मामले में संवेनदनशील माना है और इन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।