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राजस्व मामलों को शीघ्र निपटायें : वसुंधरा

– राज विकास की बैठक के दौरान सभी जिला कलक्टरों से हुई मुखातिब
– समाज कल्याण छात्रावासों का समय पर करें निरीक्षण
श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में बुधवार को तीसरी राज विकास बैठक आयोजित आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला कलक्टरों से मुखातिब हुई। जेडीए प्रमुख शासन सचिव भी उपस्थित थे। तीसरी बैठक में श्रीगंगानगर जिले के मिनी सचिवालय का मुद्दा भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर जीएडी के प्रमुख शासन सचिव और जिला कलक्टर श्रीगंगानगर से वीडियो काम्न्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करेंगी। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में श्रीगंगानगर जिले का मिनी सचिवालय के एजेंडे के टॉपिक पर दोपहर बाद चर्चा होगी। वर्तमान में अन्य जिलों के जिला कलक्टर से मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में बातचीत की और उन्हें आवश्यक दिशानिर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने कहा कि सभी कलक्टर राजस्व मामलों का शीघ्रता से निस्तारण करें। राजस्व के जो मामले पेंडिंग हैं तथा तहसीलदार लेवल तक उनकी मॉनिटरिंग की जाये। उसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। जिलावाइज एक रिपोर्ट तैयार की जाये कि राजस्व के कितने मामले पेंडिंग हैं और उसी हिसाब से इन्हें निपटाने की रूपरेखा तैयार करेें। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं आधिकारिकता विभाग के छात्रास में कूलर, वाटर प्लांट आदि लगाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं व भामाशाहों या अन्य दानदाताओं से सहयोग लिया जाये। उन्होंने जिला कलक्टरों को निर्देश दिये कि इन छात्रावासों में सरकार द्वारा जो सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, उनका उपयोग भी बेहतर तरीके से किया जाये। साथ ही जिला कलक्टर छात्रावास का समय-समय पर निरीक्षण करें या अन्य अधिकारियों से उनका निरीक्षण करवायें। निरीक्षण के दौरान यदि कोई छात्रावास मेें कमी पाई जाती है तो उसे शीघ्रता से दूर करें।
उन्होंने कहा कि जिलों में बन रहे शारदे छात्रावास की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। इसका भी निरीक्षण किया जाये। छात्रावासों में विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं भी करवाई जायें। मुख्यमंत्री ने चम्बल, सवाई माधोपुर, नादौती वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट, पोकरण-फलसूद-बालौतरा, सिवाना वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट पर भी जिला कलक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।