राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम बदलने का आदेश निरस्त

– हाईकोर्ट ने कहा-ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए
जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम बदलने के सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। हाई कोर्ट ने आज दिए निर्णय में कहा कि ऐसी स्थिति नहीं पैदा होनी चाहिए। ऐसे में स्वाधीनता सेनानियों के नाम पर नाम रखा जाए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2016 मेंं आदेश जारी कर राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम बदल कर अटल सेवा केन्द्र कर दिया था। सिरोही से कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट मेंं याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता सिंघवी का कहना था कि राजस्थान सरकार ने भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र का नाम एक प्रशासनिक आदेश के माध्यम से अटल सेवा केन्द्र कर दिया है।
उन्होंने न्यायालय में दलील कि केन्द्र सरकार के नोटिफिकेशन को राज्य सरकार का प्रशासनिक आदेश अतिक्रमित नहीं कर सकता है। ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र का निर्माण करवाने के लिए एक्ट्राऑडिनेरी गजट 2009 में निकाला था। याचिका में लोढा ने यह दलील दी थी कि राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपयी दोनों ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री हैं और भारत रत्न से सम्मानित हैं। दोनों ही सम्मानीय हैं और इनका अनादर नहीं होना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि राज्य सरकार का सेवा केन्द्रों का नाम बदलने का निर्णय ये दर्शाने का प्रयास लग रहा है कि राजीव गांधी कम प्रभावशील थे। राजस्थान की जनता के धन से निर्मित इन सेवा केन्द्रों के नाम परिवर्तन के पीछे राजस्थान सरकार ने कोई कारण भी स्पष्ट नहीं किया।