राम रहीम के चेले का खुलासा

– गुरुसर मोडिया जाने से डरती थी राजस्थान पुलिस
पंचकूला। डेरा प्रमुख राम रहीम और हनीप्रीत के जेल जाने के बाद उनको लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं हरियाणा पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि हनीप्रीत को सुरक्षित स्थानों पर रखवाने में पंजाब पुलिस ने सहयोग किया। राम रहीम के चेले का कहना है कि राजस्थान पुलिस भी राम रहीम के गुरुसर मोडिया स्थित पैतृक निवास पर जाने से डरती थी। इस बात का खुलासा पंजाब के मुक्तसर जिले के गांव खंडेवाला निवासी गुरमीत सिंह ने किया है।
उल्लेखनीय कि हनीप्रीत ने भी पुलिस के समक्ष माना था कि वह अंतिम दो दिनों मुक्तसर खंडेवाला स्थित गुरमीत सिंह के घर पर रुकी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरमीत सिंह ने पूछताछ में हनीप्रीत के ठिकानों के बारे में जानकारी दी है। गुरमीत ने बताया कि हनीप्रीत रोहतक की सुनारिया जेल के बाद सिरसा डेरा सच्चा सौदा चली गई थी। वहां वह दो दिन रुकी थी और इसके बाद वह राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित गुरुसर मोडिया के डेरे में चली गई। पंचकूला पुलिस द्वारा उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिए जाने के कारण वह सच्चा सौदा से गई थी। गुरमीत सिंह ने बताया कि राजस्थान पुलिस भी डेरा प्रमुख के पैतृक निवास स्थान में जाने से डरती थी। जिस दिन पंचकूला पुलिस ने गुरुसर मोडिया में छापा मारना था, उस दौरान राजस्थान पुलिस हरियाणा को सहयोग करने को तैयार नहीं हो रही थी। जब हरियाणा पुलिस ने कह दिया कि वह खुद ही वहां जाकर रेड कर देंगे तो राजस्थान पुलिस सहयोग को तैयार हुई थी।