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‘रुस के सहयोग से भारत बना खाद्यान्न में नंबर वन’

– अतिथियों ने सूरतगढ़ मेें किया रशियन मशीनों के संग्रहालय का उद्घाटन
– कृषि प्रयोगशाला के लिए सांसद से मांगा प्रस्ताव
श्रीगंगानगर। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा है कि रुस के सहयोग से ही भारत वर्तमान में खाद्यान्न के क्षेत्र में ‘नंबर वन’ बन पाया है। वे बुधवार को सूरतगढ़ स्थित केन्द्रीय कृषि फार्म में रशियन मशीनों के संग्रहालय का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि तकरीबन 70 लाख रुपए की लागत से निर्मित कृषि कार्य की मशीनें रुस ने भारत को दी हैं। रुस के सहयोग से ही सूरतगढ़ में केन्द्रीय कृषि फार्म का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 24 प्रकार की विभिन्न फसलों के उन्नत किस्मों के बीज तैयार किए जा रहे हंै, जिनका फायदा किसानों को मिल रहा है।
इनमें गेहूं, चना से लेकर जौ अन्य बीज शामिल हैं। उन्होंने सहयोग के लिए रुस के कृषि उपमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रासायनिक खाद का उपयोग कम होकर नीम कोटिड यूरिया का उपयोग बढ़ा है। इससे खेती और स्वास्थ्य दोनों को फायदा हो रहा है।
कार्यक्रम को रुस के कृषि उपमंत्री सरगेई बेलेस्टकी, प्रमुख व्यापार प्रतिनिधि यारोस्लाव तारास्युक, कृषि मंत्रालय के पीपी विभाग प्रमुख डिमिट्री सेलिवनोव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी कुमार, सूरतगढ़ विधायक, श्रीगंगानगर सांसद निहालचंद और सूरतगढ़ कृषि फार्म के प्रबंधक यशपाल सिंह सहित अन्य ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय बीज निगम, जैतसर और सरदारगढ़ कृषि फार्म अधिकारियों सहित गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने सूरतगढ़ में कृषि प्रयोगशाला के लिए सांसद निहालचंद से प्रस्ताव मांगते हुए कहा कि वे जल्द इसका प्रस्ताव बनाकर भिजवाएं।