रोजाना 125 टन आम चट कर रहे हैं जिले के लोग

– हर किसी की पहली पसंद बना दशहरी आम
श्रीगंगानगर। इन दिनों श्रीगंगानगर जिले के गांव-कस्बों के लोग करीब सवा सौ टन आम चट कर रहे हैं। वैसे तो चोसा, सफेदा, लंगड़ा आम भी पहुंच रहे हैं मगर लोगों की पहली पसंद दशहरी आम बना है। आम को फलों का राजा और दशहरी आम को आमों का राजा कहा जाता है। यहां बिकने वाले आमों में इस समय 80 फीसदी आम दशहरी ही आ रहा है। करीब एक महीने पहले दशहरी आम की आवक शुरू हुई, जो लगातार बढ़ रही है।
श्रीगंगानगर की थोक फल-सब्जी मंडी में रोजाना लगभग सवा सौ टन आम पहुंच रहा है। यहां से आम पूरे जिले की मंडियों मेें सप्लाई होता है। मंडियों से गांवों-कस्बों तक आम पहुंचता है। थोक व्यापारी रजा अब्बास के मुताबिक दशहरी आम उत्तरप्रदेश के सहारनपुर, हसनपुर, शाहजहांपुर और मलिहाबाद आदि स्थानों से आ रहा है मगर इनमें से सर्वधिक बढिय़ा मलिहाबाद का ही आम माना जाता है।
अब्बास के मुताबिक केवल सफेदा आम आंधप्रदेश से पहुंच रहा है। बाकी सभी आम उत्तरप्रदेश से आ रहे हैं। आम की कुल आवक में 80 फीसदी दशहरी आम आ रहा है जबकि चोसा, सफेदा, लंगड़ा आदि आम बीस फीसदी में सिमटे हुए हैं। दशहरी आम खाने के लिए और सफेदा मैंगोशेक के लिए खूब पसंद किया जा रहा है।
थोक मंडी मेंं दशहरी आम तीस से चालीस रुपए बिक रहा है। जिसका खुदरा भाव पचास रुपए तक है। सफेदा आम 45 से 50 रुपए थोक भाव और 70 रुपए खुदरा भाव मेंं बिक रहा है।
दशहरी का मजा महीने भर और रजा अब्बास ने बताया कि दशहरी आम की आवक एक महीने तक और जारी रहेगी। इसके बाद दशहरी की आवक बंद हो जाएगी। फिर ‘फजलीÓ आम की आवक शुरू हो जाएगी। फजली आम दो से ढाई किलो तक के होते हैं और इसका सीजन पन्द्रह-बीस दिन ही रहता है।