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लॉरेंस के शूटर अंकित भादू ने डिलीट कर दी फेसबुक पर डाली पोस्ट

– फेसबुक पर लिखा था जॉर्डन को चैलेंज करके ठोका था
श्रीगंगानगर। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के शूटर अंकित भादू ने अपने फेसबुक अकाउंट से उस पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जिसमें उसने जॉर्डन की हत्या करना स्वीकार किया था। पोस्ट डिलीट किए जाने के बाद लोगों ने उस पर भद्दे कमेंट करने शुरू कर दिए हैं। एक व्यक्ति ने फेसबुक इनबॉक्स में नंबर भेजकर अंकित भादू का चैलेंज भी स्वीकार कर लिया है।
अंकित भादू को पुलिस सीआई भूपेन्द्र सोनी के भानजे पंकज सोनी की हत्या में शामिल मानती है जबकि अंकित ने यू-ट्यूब पर इस बात का खंडन किया हुआ है। श्रीगंगानगर में जॉर्डन की हत्या का मामला अंकित से जुड़ा दूसरा अपराध है। अंकित ने कल दोपहर को अपना फेसबुक अकाउंट अपडेट करते हुए जॉर्डन को मारने की बात स्वीकारते उसने शुक्रवार दोपहर को अपना फेसबुक अकाउंट अपडेट किया है। इसमें उसने जॉर्डन को मारने की बात स्वीकार की और खुला चैलेंज किया।
अंकित भादू ने फेसबुक पर लिखा है कि ए जका फेक आईडी बणागे कमेंट कर गाली देवै है। (गाली लिखी है) ऐ डायरेक्ट मैसेज करो। थारे बाप जॉर्डन सागे 4 बारी टाइम बांध्यो, एकर कोनी आयो थारो बाप। चैलेंज करगे ठोग्यो है। जके न बहम होवे नी बदले आळो, डायरेक्ट इनबॉक्स में मोबाइल नंबर सागे मैसेज करो अर ले ल्यो बदळो। बाप, बाप होवे है और बेटो, बेटो रेया करे है।
जकां न ज्यादा तकलीफ होवै है नीं डायरेक्ट मैसेज करो, ठा लाग जी, कुण बदळो लेई। रेई बात प्रेजीडेंट गी, बो भी खडय़ो हो सी अर जीतेगो भी। जका मां ग लाल मं दम है, आज्यो देख ल्यो, कुण किने धक्क है। बेटो थे गंगानगर की बात करो, थारो बाप तीन स्टेट पर राज करे है।
अंकित की यह पोस्ट कल मीडिया में चर्चा का विषय बन गई लेकिन शुक्रवार शाम को जब लोगों ने फेसबुक देखी तो यह पोस्ट नदारद थी। अंकित ने इसे डिलीट कर दिया है।
जॉर्डन इज बैक नामक फेसबुक प्रोफाइल से अंकित ने एक नई पोस्ट ‘लॉरेंस गु्रप ऑन ड्यूटीÓ डाली है। इसके नीचे किसी अभिमन्यु भादू ने कमेंट किया है कि पोस्ट डिलीट क्यों करेयो है….के? जॉर्डन इज बैक नामक फेसबुक प्रोफाइल से अंकित की चुनौती स्वीकार करते हुए लिखा है कि नंबर भेज दिया इनबॉक्स में। जोर है तो आ जाई गंगानगर और फोन कर लेई। रही बात प्रेजीडेंट खडय़ो करगी। प्रेजीडेंट तो छोड तू जनरल सेके्रट्री खड़ेयो करगे दिखा देई।
जॉर्डन इज बैक फेसबुक अकाउंट से एक अपील
भाईयो, सोपू ग्रुप से ना जुड़ें। ये गु्रप नहीं गैंग है। जो चंद रुपए देकर सदस्य बनाते हैं और बाद में उससे काम करवाते हैं और उसे काम करना ही पड़ता है। अगर ना करे तो उसका हाल बुरा होता है…आदमी एक बार इससे जुडऩे के बाद इनके जाल से वापस निकलना चाहे तो भी नहीं निकल पाता है…लोगों से लूटा हुआ माल लोगों पर लगाते हैं…जैसे कि कॉलेज में ये अपना पैसा लगाते हैं। बाद में उसे डिस्ट्रिक प्रेजीडेंट वगैरह वगैरह बना कर उसे काम में लेते हैं…बाकी आप समझदार हो…ना समझे तो हम समझाएंगे अपने तरीके से…।