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लोन लेना चाहते हैं तो यहां ध्यान दें

देश में छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल साल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की गई थी। अगर कोई व्यक्ति अपना बिजनेस शुरु करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहता हैं, तो वो सामान्यत: बैंक से लोन के लिए आवेदन करता हैं, लेकिन बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया बहुत जटिल होती है और इसके लिए गारंटी भी देनी पड़ती हैं जिसके कारण ज्यादातर व्यक्ति बैंक से लोन लेने कतराते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना को लांच किया। तो जानिए हमारे साथ क्या हैं मुद्रा योजना के लाभ
-मुद्रा स्कीम के तहत सामान्यत: बिना गारंटी के लोन प्रदान किये जाते हैं
-मुद्रा योजना के तहत लोन प्रदान करने में किसी भी तरह की कोई फीस चार्ज नहीं की जाती हैं।
-मुद्रा लोन की पुन: भुगतान अवधि को 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं।
-वर्किंग केपिटल लोन को मुद्रा कार्ड के द्वारा प्रदान किया जा सकेगा।
योग्यता कोई भी भारतीय नागरिक या फर्म जो किसी भी क्षेत्र, खेती के आलावा में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता हैं या फिर अपने वर्तमान व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहता हैं और उसकी वित्तीय आवश्यकता 10 लाख रूपये तक हैं वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके प्रकार मुद्रा योजना के तहत लोन को विभिन्न व्यवसायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन भागों में विभाजित किया है। मुद्रा योजना के तहत ऋण के तीन प्रकार हैं:
शिशु लोन: शिशु ऋण के तहत 50,000 रुपये तक के ऋण दिए जाते है। मुद्रा योजना के तहत कम से कम 60 फीसदी ऋण, शिशु ऋणों के रूप में दिया जाएगा। किशोर लोन: किशोर ऋण के तहत 50,000 रुपये के ऊपर और 5 लाख रूपए तक के ऋण दिए जाते है। तरुण लोन: तरुण ऋण के तहत 5 लाख रूपये से ऊपर और 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते है। क्या होती है बैंक लोन ब्याज दर मुद्रा लोन के तहत कोई निश्चित ब्याज दर नहीं हैं। ब्याज दर विभिन्न बैंकों में अलग-अलग हो सकती हैं तथा आवेदक के व्यवसाय की रिस्क के आधार पर भी बैंक दर भिन्न-भिन्न हो सकती हैं।
सामान्यत: इस लोन की ब्याज दर 12 फीसदी प्रति वर्ष के आस-पास होती हैं। मुद्रा लोन स्कीम के तहत सरकार की तरफ से कोई भी सब्सिडी नहीं दी जाती। अगर आवेदक ने किसी अन्य योजना के तहत किसी सब्सिडी के लिए आवेदन किया हैं जिसमें सरकार कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती हैं तो उस सब्सिडी को मुद्रा लोन से लिंक किया जा सकता हैं। मुद्रा लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया में रखें इन बातों का ध्यान
-जानकारी जुटाना और सही बैंक का चुनाव करना।
-डाक्यूमेंट्स तैयार करना और एप्लीकेशन सबमिट करना -अच्छे से आवेदन फॉर्म भरना और इसके साथ सभी जरुरी दस्तावेजों को सबमिट करना।
-लोन प्रोसेसिंग सुनिश्चित करना।
-मुद्रा लोन लेने वाले सभी आवेदकों को लोन प्रदान करते समय मुद्रा कार्ड जारी किये जाते हैं जो कि एक तरह से डेबिट कार्ड की तरह ही होते हैं। इसके तरह व्यवसायी अपने मुद्रा लोन की 10: तक राशी मुद्रा कार्ड से खर्च कर सकता है।