विटामिन और कैल्शियम के इस्तेमाल से दूर होगा गर्दन दर्द

गर्दन में होने वाले दर्द को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं, लेकिन कई बार यह दर्द गंभीर होने पर पूरे जीवनशैली को प्रभावित कर देता है। पिछले कई सालों से सर्वाइकल स्पाॉडिलाइसिस के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
गर्दन की तकलीफ को फौरन मेडिसीन और फिजियोथेरेपी की मदद से दूर कराने की कोशिश करनी चाहिए। लेटलतीफी से परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा खाने में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा अधिक लेनी चाहिए।
इन सात बातों का रखें ख्याल तो कम होगी परेशानी
– पूरी नींद नहीं लेना, उंचे तकिया पर सोना, लेटकर पढऩा, टीवी देखना और घंटों कंप्यूटर पर काम करने से बढ़ता है स्पॉडिलाइसिस।
– लंबे समय से निरंतर गाडिय़ों का परिचालन करते रहने से गर्दन की समस्या बढ़ रही है
– गलत ढंग से शारीरिक काम करना, अधिक बोझ उठाने से भी परेशानी आती है
– गठिया के रोगी या फिर ध्रुमपान करने वालो में यह समस्या बढ़ती है।
– दुर्घटना के दौरान गंभीर चोट या हड्डियों में खराबी आने से स्पाॉडिलाइसिस की बीमारी बढ़ती है।
– खाने में कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करने से गर्दन के रोग की समस्या दूर होती है।