‘वैलर्स मौत प्रकरण: चिकित्सक के खिलाफ फर्जीवाड़े का मुकदमा

जोधपुर। ईएसआई अस्पताल में पदस्थापित एक चिकित्सक के खिलाफ एक ‘वैलर्स की पहले घर पर और बाद में ईएसआई कार्ड धारक नहीं होने के बावजूद ईएसआई अस्पताल में फर्जीवाडा करके इलाज करने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इस चिकित्सक की लापरवाही से मृतक की तबीयत सुधरने और शरीर बनने की बजाए मौत होने पर एक मुकदमा इलाज में लापरवाही का पूर्व में सरदारपुरा थाने में भी दर्ज है।
प्रथम बी रोड सरदारपुरा निवासी राजेन्द्र सोनी पुत्र झंवरलाल सोनी ने पुलिस को बताया कि उसके छोटे भाई राजेश सोनी की तबीयत खराब होने पर उसने व उसके परिजनों ने ईएसआई अस्पताल में कार्यरत डॉ. संजय गुप्ता के निवास पर संपर्क किया था। डॉक्टर ने बीमारी का इलाज करने की बजाय राजेश को कमजोरी बताते हुए उसे मोटा बनाने के चक्कर में 18 से 30 मई के बीच अपने घर पर ही इंजेक्शन और दवाइयां देकर इलाज किया। तबीयत सुधरने की बजाय बिगडऩे पर डॉ. गुप्ता ने 2 जून को राजेश सोनी को कमला नेहरू नगर स्थित ईएसआई के सरकारी अस्पताल, जिसमें कि डॉ. गुप्ता पदस्थापित हैं, वहां बुलाया और फर्जी ईएसआई आईडी लगाकर उसे भर्ती कर इलाज किया। तबीयत ‘यादा बिगडऩे पर उसने हाथ झटक दिये जिस पर परिजन उसे एमडीएम अस्पताल के डॉ. नवीन किशोरिया के यहां लेकर गए। उसने भी डॉक्टर की लापरवाही से तबियत बिगडऩा बताते हुए इलाज के लिए भर्ती किया। तब एमडीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों की भी रायशुमारी ली गई और हालात बिगड़ते देख डॉ. संजय गुप्ता को बचाने की नीयत से परिजनों को गुमराह कर उसे सघन उपचार के नाम पर दिल्ली ले जाने की सलाह दी।
दिल्ली में निजी अस्पताल में भर्ती राजेश सोनी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने जब दिल्ली के चिकित्सकों से उसकी बीमारी के बारे में पूछा तो उन्होंने संजय गुप्ता की ओर से दी गई दवाईयों को मुख्य कारण बताया। इस घटनाक्रम के बाद जब मृतक के भाई राजेन्द्र सोनी ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ सरदारपुरा थाने में इलाज में लापरवाही का मुकदमा दर्ज करवाया तब एमडीएम अस्पताल के डॉक्टरों से पुलिस ने किये गये इलाज के बारे में मेडिकल बोर्ड बिठाकर रिपोर्ट देने को कहा। बोर्ड से रिपोर्ट बनाने के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों ने डॉ. संजय गुप्ता को बचाने के साथ साथ अपने यहां दिये गये इलाज के दस्तावेजों में भी हेरफेर करते हुए राजेश सोनी की मौत के लिए डॉक्टर की दवाईयों की बजाय अत्यधिक शराब सेवन करना जाहिर किया।
समाज के पदाधिकारियों ने और मृतक के परिजनों ने इस संबंध में विभागीय स्तर पर भी जांच पड़़ताल की तो पता चला कि डॉ. संजय गुप्ता जो कि ईएसआई अस्पताल में कार्यरत हैं, उसने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए पहले तो नियम तोड़ते हुए घर पर इलाज किया बाद में फर्जी दस्तावेज लगाकर अस्पताल में इलाज किया जो कि सूचना के अधिकार के तहत मांगे गये दस्तावेजों में उपलब्ध करवाये गए। पुलिस ने आरोपी चिकित्सक डा. संजय गुप्ता और इस कृत्य में उसके सहयोगी रहेे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच प्रतापनगर थाने के एसआई सोमकरण को सौंपी। इस संबंझ में श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज संस्थान, जोधपुर ने समाज के युवा व्यापारी राजेश सोनी पुत्र झंवरलाल सोनी के डॉक्टरों की लापरवाही से हुई मौत के प्रकरण में समाज और परिवार को न्याय नहीं मिलने पर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन, रैली भी निकाली और मुख्यमंत्री और चिकित्सामंत्री के साथ पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को न्याय दिलाने की गुहार की थी।