शाम तक येदियुरप्पा को मिल सकता है न्योता

– कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कशमकश जारी
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा के नतीजे के बाद अब सभी की निगाहें कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी और आनन-फानन में बने कांग्रेस व जेडीएस गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। भाजपा कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है लेकिन विधानसभा में जादुई आंकड़ा हासिल करने में विफल रही है। कर्नाटक के बेंगलुरु में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सेक्रटरी केसी वेणुगोपाल और अन्य कांग्रेस विधायक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय बैठक के लिए पहुंचे। इस बीच, बीजेपी सूत्रों से पता चला है कि शाम तक येदियुरप्पा को कर्नाटक में सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है। यहां तक अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे गुरुवार को शपथ लेंगे।
जारी है जोड़-तोड़
इस बीच विभिन्न पार्टियों की जोड़-तोड़ की कवायद बुधवार को भी जारी रही। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सांसद अशोक सिद्धार्थ को बैंगलोर भेजा। बसपा के इकलौते विधायक महेश को अपने साथ रखने को कहा है। महेश से बीजेपी के कुछ नेताओं ने संपर्क किया था। बीजेपी के विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन वाली चि_ी राज्यपाल को सौंप दी है। साथ ही निर्दलीय विधायक आर शंकर ने दिया बीजेपी को समर्थन, समर्थन की चि_ी येदियुरप्पा को सौंप दी है। जेडीएस वधायक दल की बैठक भी खत्म, एचडी कुमारस्वामी को नेता चुना गया है। कांग्रेस के तीन विधायकों के बाद अब जेडीएस के दो विधायक भी लापता हो गए हैं। जेडीएस की विधायक दल की बैठक से राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नादागौड़ा नहीं पहुंचे थे।