शास्त्रों में आपके भविष्य को लेकर लिखी हैं ऐसी बातें

शास्त्रों और पुराणों में आपके भविष्य और जिंदगी को बेहतर बनाने के बारे में कई बातें लिखी गई हैं। शगुन के बारे में कई बातों को आप जानते होंगे और हम आज आपको ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आने वाले संकटों के बारे में आपको सावधान कर सकती हैं।
सुबह की आदत
जो व्यक्ति रात का रखा पानी सुबह उठने के बाद पीता और फिर अपनी हथेलियां को देखता है, वह कभी बड़ी बीमारी का शिकार नहीं होता।
चीटियों का दिखना
शास्त्रों के अनुसार, अगर अचानक घर में चीटियां दाना इक_ा करती हुई दिखें, तो सावधान हो जाएं। यह आने वाले दिनों में कुछ बुरा होने की आशंका का संकेत होता है। यदि अचानक लाइन के साथ ढेर सारी चींटियां चलती हुई दिखें, तो यह तेज बारिश होने का भी संकेत देती हैं।
बगुला पेड़ पर बैठे
अगर किसी पेड़ पर बगुला बैठा दिखे, तो माना जाता है कि जल्द ही उस पेड़ का नाश होने वाला है। अगर घर के वृक्ष पर ऐसा हो, तो बरसात में उसपर बिजली गिरने की आशंका हो सकती है। इसलिए बारिश से बचने के लिए ऐसे किसी वृक्ष के नीचे कभी खड़े न हों, जिस पर बगुला बैठा हो।
त्योहारों के दिन ऐसे पड़ें
भारत के बारे में कहा जाता है कि यहां नौ दिन में 13 त्योहार मनाए जाते हैं। मगर, इन त्योहारों के बारे में भी भविष्यवाणी शास्त्रों में की गई है। इसके अनुसार जिस साल होली, लोहड़ी और दिवाली क्रमश: शनिवार, रविवार और मंगलवार को पड़ती है, वह साल देश और लोगों के लिए अच्छा नहीं होता है। उस वर्ष देश में कोई भीषण बीमारी या महामारी फैल सकती है।
इन महीनों में न खाएं ये चीजें
हर माह के हिसाब से खाने पीने की वस्तुओं के बारे में भी शास्त्रों में विधान किया गया है। चैत्र में गुड़, वैशाख में तेल, ज्येष्ठ के महीने में रास्ते में पैदल चलना, आसाढ़ में बेल खाना तथा सावन में सब्जी खाना वर्जित किया गया है।भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में छाछ और अगहन में जीरा, पौष में धनिया, माघ में मिश्री तथा साल के अंतिम माह अर्थात फाल्गुन के महीने में सूखे चने नहीं खाने चाहिए।