शिमला रेप केस: लॉकअप हत्याकांड में आईजी, डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी गिरफ्तार

शिमला। बहुचर्चित गुडिय़ा दुराचार और कत्ल के मामले में अब तक का सबसे चौंकाने वाला मोड़ आया है। सूरज लॉकअप हत्याकांड मामले में सीबीआई ने आईजी एस. जहूर जैदी और ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसा हिमाचल के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी मामले में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस समेत इतने पुलिस वाले फंसे हैं। सीबीआई के इस कदम से राज्य सरकार कटघरे में खड़ी हो गई है क्योंकि आईजी जैदी के नेतृत्व में ही गुडिया मामले की जांच चल रही थी। सीबीआई ने ये गिरफ्तारी मंगलवार को शिमला में रेलवे बोर्ड बिल्डिंग स्थित शाखा में लंबी पूछताछ के बाद की है। सीबीआई का आरोप है कि सूरज हत्याकांड को पुलिस कर्मियों ने ही अंजाम दिया और इस मामले की जांच को बनाई गई एसआईटी के प्रमुख आईजी जैदी ने न केवल असलियत को छिपाने में अहम भूमिका निभाइ बल्कि हत्या का इलजाम एक दूसरे आरोपर पर थोप दिया। गिरफ्तारी के बाद इन आठों पुलिस कर्मियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई को उम्मीद है कि आईजी समेत पुलिस वालों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। इसलिए कोर्ट ने सीबीआई के आग्रह पर इन आठों को चार सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई ने जिन आठ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आईजी दक्षिणी रेंज रहे एस. जहूर जैदी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई पुलिस थाने के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह, पुलिस स्टेशन कोटखाई के पूर्व एएसआई दीप चंद, इसी पुलिस स्टेशन में एचएचसी रहे सूरत सिंह, मोहन लाल, हेड कांस्टेबल रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत स्ट्रेटा शामिल हैं।