शीतलाष्टमी पर माता को लगाया भोग

– महिलाओं व माताओं ने मांगी कामनाएं
श्रीगंगानगर। लोकपर्व बास्योडा (शीतलाष्टमी) सोमवार को बड़ी श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर ई ब्लॉक व जवाहरनगर स्थित शीतला माता वाटिका एवं नई धानमण्डी स्थित सिद्ध श्री हनुमान मन्दिर परिसर के शीतला माता मन्दिर में श्रद्धालुओं का मेला लगा रहा। श्रद्धालुओं ने माता को ठंडे व्यजनों का भोग लगाया। ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी का व्रत रखने से छोटी माता का प्रकोप नहीं होता। पुत्र की मंगलकामना के लिए महिलाओं ने शीतला अष्टमी पर व्रत रख कर मनोकामना की । यम नियम से मां भगवती की स्तुति की तथा उन्हें भोग स्वरूप हलुवा-पुडी अर्पित कर पुत्र के चिरायु की कामना की। शीतला सप्तमी और शीतलाष्टमी व्रत मनुष्य को चेचक के रोगों से बचाने का प्राचीन काल से चला आ रहा व्रत है। आयुर्वेद की भाषा में चेचक का ही नाम शीतला कहा गया है। आज सुबह से ही महिलाओं ने शीतला माता के मंदिर में जा कर मां शीतला की पूजा अर्चना की। इससे पहले रविवार को घरों में पूड़ी, पुए, पकौड़ी, राबड़ी आदि व्यंजन बनाए गए। शीतलामाता को ठंडे व्यजनों  का भोग लगाकर परिजनों की समृद्धि की कामना की गई।