श्रीगंंगानगर में मंडी बंद का व्यापक असर

– बीस को कलक्टे्रट, फिर सीएम को घेरने की चेतावनी
श्रीगंगानगर। गेहूं की सरकारी खरीद पर 200 रुपए बोनस देने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता हटाने, जौ, सरसों और चना खरीद व्यापारियों के नीलामी पिड़ों पर करवाने आदि मांगों को लेकर नई धान मंडी बंद का व्यापक असर रहा। किसानों ने धानमंडी के गेट बंद कर ताले जड़ दिए। आवाजाही ठप होने से मुख्य मार्गांे पर ट्रैफिक जाम हुआ। किसानों ने चेताया कि मांगें नहीं मानने पर पहले जिला कलक्टर, फिर मुख्यमंत्री को घेरेंगे।
गंगानगर किसान समिति सचिव संतवीरसिंह चहल ने बताया कि मांगों के समर्थन आज सुबह किसानों ने नई धानमंडी बंद कर दी। तालाबंदी और आवाजाही ठप कर किसान मंडी गेट के सामने दरी बिछाकर बैठ गए। पूर्व विधायक हेतराम बेेनीवाल ने चेताया कि मांगेें नहीं मानने पर 20 मार्च को जिला कलक्टर का घेराव किया जाएगा। किसान, मजदूर कलक्टर सहित जिला प्रशासन को घेरकर बैठ जाएंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी तो जिला बंद करेंगे। सरकार फिर भी नहीं मानी तो जयपुर कौनसा दूर है।
सबको साथ लेकर वसुंधरा को भी बंद करेंगे। फल-सब्जी मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष मनिन्दरसिंह मान के साथ हरविन्द्र सिंह, गुरप्रीत सिंह और सुरजीत सिंह मंडी के एक नंबर गेट पर ताला लगा बैठे। शिव चौक स्थित दो नंबर गेट पर पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, संतवीर चहल, मंगल सिंह, अमर बिश्नोई, रघुवीर ताखर सहित अन्य ने तालाबंदी की। सुखचरण सिंह, भरपूर सिंह, विजय रेवाड़, सुखचैन सिंह और बॉबी बराड़ तीन नंबर गेट पर तालाबंदी कर बैठे रहे। अनाज मंडी समिति के सहायक सचिव रमेश कुक्कड़ की समझाइश पर दोपहर दो बजे के बाद तीनों गेट खोल दिए गए।
दी गंगानगर टे्रडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश खदरिया और कच्चा आढतिया संघ अध्यक्ष कुलदीप कासनिया ने बताया कि व्यापारियों ने भी आज कामकाज बंद रखा। मांगों के समर्थन में मजदूरों ने भी कामकाज नहीं किया।