श्रीगंगानगर में जो प्यार मिला, वह स्पेशल है: देविका

– कसाब को फांसी तक पहुंचाने वाली बहादुर बेटी अपने मान-सम्मान से अभिभूत
श्रीगंगानगर। अपनी गवाही से आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने वाली देश की बहादुर बेटी देविका रोटावन श्रीगंगानगर मेें मिले मान-सम्मान से अभिभूत है।
देविका कहना है कि देश भर में जगह-जगह लोगों ने बुलाकर सम्मान किया लेकिन श्रीगंगानगर मेंं जो प्यार मिला, वह मेरे लिए स्पेशल है। देविका ने आज सांध्य बॉर्डर टाइम्स कार्यालय में बातचीत में यह बात कही।
देविका ने कहा कि देश भर में मेरा मान-सम्मान किया गया मगर श्रीगंगानगर ने मेरे लिए बहुत कुछ किया है। मेरी पढ़ाई-लिखाई से लेकर मेरे भविष्य की सोचने वाला शहर गंगानगर ही है। यह मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
देविका ने बताया कि मैंने इस साल दसवीं की परीक्षा दी है। रिजल्ट अभी आया नहीं है। नए सेशन में राजस्थान में ही कहीं एडमिशन लूंगी।
महज नौ साल की उम्र में आतंकवादी कसाब की गोलियां झेलने वाली देविका का कहना है कि इस घटना के कारण मेरा बचपन खो गया मगर खुशी है कि मेरा बचपन देश के काम आया। मैंने बीते साल देश के लिए ही बिताए। कसाब को उसके अंजाम तक पहुंचाने की मुझे खुशी है।
देविका ने पिता नटवरलाल ने बताया कि हमने पिछले नौ साल में बहुत कुछ झेला है। पाकिस्तान से धमकियों से लेकर 25 करोड़ के ऑफर तक मिले मगर हम लोगों ने न तो धमकी के आगे सिर झुकाया और न ही किसी लालच में आए। देविका अदालत में अपने बयान पर डटी रही। अंतत: कसाब को सजा-ए-मौत मिली।