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सरकार चाहती है सबका विकास

– राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद बजट सत्र का आगाज
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद के बजट सत्र का आगाज आज हो गया। नोटबंदी के बाद खास महत्वपूर्ण माने जा रहे इस बजट सत्र की ओर देश ही नहीं, विदेशों की निगाहें भी लगी हुई हैं। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने सरकार के हर तबके को फायदा पहुंचाने वाली केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास चाहती है। राष्ट्रपति ने पाक अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक की भी प्रशंसा की।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सरकार गरीब, दलित, पीडि़त, शोषित, वंचित, किसान, युवा के लिए लगातार काम कर रही है। जनधन योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके जरिए गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। इसके तहत 26 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए और 20 करोड़ से ज्यादा रुपे कार्ड जारी किए गए।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने 13 करोड़ लोगों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि 1 लाख से ज्यादा बैंक मित्रों की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बैंकों से फंड नहीं मिलता था उन्हें उनके छोटे रोजगार के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए 2 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। राष्ट्रपति ने कहा कि इस योजना के तहत 5.6 करोड़ लोन्स को मंजूरी दी गई।
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में दीनदयाल अंत्योदय योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्वयंसहायता समूहों को 16 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रकम मुहैया कराई गई। इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इसके तहत 55 लाख बच्चों को टीका लगाया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार का जोर महिलाओं, युवाओं, गरीबों, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों समेत समाज के सभी तबकों के विकास पर है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के उत्साहजनक परिणाम आ रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 1 करोड़ खाते खुले, जिसमें 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि जमा की गई। इसके अलावा सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया।