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सर्दियों में बीमारियां करती हैं परेशान तो ऐसे बचें

सर्दियों की अपनी खासियत होती हैं, लेकिन इस मौसम में सर्दी-जुकाम, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा और जोड़ों में दर्द आदि जैसे समस्याएं बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन कुछ सावधानी बरतकर आप इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचकर सर्दियों का लुत्फ उठा सकते हैं।
सर्दियों में परेशान करती है ये समस्याएं
सर्दियां भला किसे अच्छी नहीं लगती, लेकिन क्या आप जानते हैं सर्दियां अपने साथ ढ़ेर सारी स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आती है। वैसे तो सर्दी में आमतौर पर सर्दी-जुकाम की समस्या परेशान करती है। लेकिन इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं भी होती है। आज हम आपको ऐसी ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के बता रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप न केवल समय रहते इनसे बच सकते हैं बल्कि सर्दियों का भी मजा ले सकते हैं। आइए जाने सर्दियों में होने वाली ऐसी ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में।
अस्थमा
अस्थमा एक एलर्जिक समस्या है, जिन लोगों को यह बीमारी होती है सर्दियों के मौसम में उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। सर्दियों में कोहरा बढ़ जाता है। ऐसे में एलर्जी के तत्व कोहरे के कारण हवा में उड़ते नहीं है बल्कि आसपास ही रहते हैं। इन तत्वों से अस्थमा रोगियों को अधिक तकलीफ होती है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। अस्थमा रोगियों को सर्दियों में अपना खास ध्यान रखना चाहिए। बहुत ज्यादा ठंड होने पर बाहर ना घूमें। अगर बाहर जाना भी हो तो नाक, कान और सिर ढककर रखें। दवा खा रहे हैं तो उसे नियमित रूप से लें।
जोड़ों में दर्द
आपने बहुत से लोगों को कहते सुना होगा कि सर्दियों में उन्हें जोड़ों में बहुत दर्द होता है। माना जाता है कि ऐसा सर्दियों के कारण शरीर में स्टिफनेस बढऩे के कारण ऐसा होता है। जिन लोगों को गठिया आदि की समस्या होती है उनके लिए सर्दी का मौसम बेहद कष्टदायी होता है क्योंकि इस दौरान जोड़ों में सूजन आ जाती है और नसों में सिकुडऩ आती है, साथ ही सूजन भी होने लगती है। ऐसे में सर्दियों से बचाव और थोड़ा व्यायाम कारगर साबित हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर
सर्द हवाओं से बचने के लिये हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से पीडि़त लोग थोड़ा एलर्ट रहना चाहिए क्योंकि यह मौसम उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डाक्टरों के अनुसार सर्दी में हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों के लिये सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि ठंड की वजह से पसीना नहीं निकलता और शरीर में नमक का स्तर बढ़ जाता है जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। अगर आप चाहते हैं कि सर्दियों में भी आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहे तो डॉक्टर की सलाह से अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहें। इसके अलावा नियमित व्यायाम और खाने में नमक को कंट्रोल करके हार्ट संबंधी समस्याओं को दूर रखा जा सकता है।
डिप्रेशन
मौसम बदलने का प्रभाव सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जैसे सर्दियों में कई लोगों का मानसिक संतुलन गड़बड़ा जाता है। वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। ऐसा सर्दियों में दिन छोटे होने के कारण हार्मोन में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन डी की कमी आती है। इससे दिल और दिमाग पर प्रभाव पड़ता है। इस मौसम में खासकर उम्रदराज लोगों को अवसाद घेर लेता है, जिससे उनमें तनाव और हाइपरटेंशन काफी बढ़ जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आप सर्दियों में डिप्रेशन से बचे रहे तो आप दिनभर खुद को घर में बंद करने के बजाय प्राकृतिक सनलाइट लें और नींद पूरी करें।
खांसी, जुकाम, गले में खराश और सिरदर्द
सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को खांसी की समस्या भी रहती है। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम खाने से खांसी और बढ़ सकती है। अगर आपको साइनस की समस्या है तो धूल मिटटी से बचें, ठंड में बाहर जाते समय सिर और गला हमेशा ढक कर रखें। गले की खराश दूर करने के लिए गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करे। इसके अलावा कई बार सर्दियों में सिरदर्द की शिकायत भी होने लगती है। इसका कारण सिर में ठंड लगना भी हो सकता है या फिर कोल्ड भी। आप अपने सिर को खुद को स्कॉर्फ या टोपी से कवर करके रखें।